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जिंदगी मास्टर क्लास: सम्मानित किए गए पोषण सारथी व पोषण मित्र, बाल विकास मंत्री बोलीं- घर का ही खाना खाएं बच्चे

Sun, 26 Nov 2023 01:26 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला टीम, लखनऊ
अमर उजाला टीम, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 26 Nov 2023 01:26 PM IST
सार

अमर उजाला फाउंडेशन व यूनिसेफ की जिंदगी मास्टर क्लास सीजन 4 का भव्य समापन हो गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व महिला एवं बाल कल्याण व पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने पोषण सारथी व पोषण मित्रों को सम्मानित किया।

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Programme of Zindagi Mastar class season 4.
समापन कार्यक्रम में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्कूली बच्चों को सम्मानित किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला फाउंडेशन व यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आोजित जिंदगी मास्टर क्लास सीजन 4 का भव्य समापन शनिवार को हुआ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस अभियान का हिस्सा बने स्कूलों को सम्मानित किया। वहीं महिला एवं बाल कल्याण व पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने पोषण सारथी व पोषण मित्रों को सम्मानित किया।

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इस मौके पर यूनिसेफ उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख डॉ. जकारी एडम, कम्युनिकेश स्पेशलिस्ट निपुण गुप्ता, पोषण अधिकारी डॉ. रवीश शर्मा व कम्युनिकेशन कंसल्टेंट ऋचा श्रीवास्तव मौजूद रहीं। आयोजन में सहयोगी पुनर्वास विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. आरकेपी सिंह, रजिस्ट्रार राहुल सिंह, एफओ संजय सिंह मौजूद रहे।
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इस मौके पर अमाइकस स्कूल के बच्चों ने नाटक के माध्यम से जंक फूड के नुकसान बताए। वहीं पीएमएस राजाजीपुरम के बच्चों ने योग पर नृत्य की प्रस्तुति दी।

टिफिन में घर का खाना ही लाएं बच्चे

Programme of Zindagi Mastar class season 4.
महिला एवं बाल कल्याण व पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य। - फोटो : अमर उजाला

महिला एवं बाल कल्याण व पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य का कहना है कि जंक फूड बच्चों के शारीरिक व मानसिक दोनों के विकास के लिए हानिकारक है। फास्ट फूड खाने से भूख खत्म होती लेकिन यह शरीर के विकास में रुकावट डालती है। अमर उजाला के इस अभियान से अभिभावक भी जागरूक हों, बच्चों को बाहर का खाना खाने से रोकें। लोगों को मौसमी फल का सेवन जरूर करना चाहिए। स्कूली बच्चों को घर का ही खाना लेना चाहिए, बाजार या अन्य जगह का खाना न खाएं।

यूनिसेफ के पोषण अधिकारी डॉ. रवि शर्मा ने कहा कि जंक फूड के खाने से हमारे शरीर पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि पोषण आहार को सेवन करें। पांच प्रमुख पोषण तत्वों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है, इनमें सही भोजन और आहार, पर्यावरण के अनुसार स्वास्थ्यवर्धक खाद्य, माइक्रोन्यूट्रीड और डेवैनिली व पोंषण साक्षरता का होना जरूरी है।

इन स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक हुए सम्मानित
अवध कॉलिजिएट दरोगा खेड़ा- इंदु चंदेल, बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज-लीना मिश्रा, पायनियर मॉन्टेसरी (पीएमएस) इंद्राणीनगर-नमिता पांडेय, अमाइकस अकादमी-अनवर हुसैन, पीएमएस गीता पल्ली- प्रीति दीक्षित, पीएमएस राजाजीपुरम-इंदुबाला गौर, पीएमएस एल्डिको शर्मिला सिंह, पीएमएस विकासनगर, जनता गर्ल्स-हेमलता, गुरुनानक एकेडमी अयोध्या-आदित्य प्रताप सिंह, न्यू सेंट जान्स-शाइंदा काजमी, राजकीय हाईस्कूल जौरिया-इंद्रेश मिश्रा, बाल निकुंज ग्रुप ऑफ स्कूल के प्रबंध निदेशक हृदय नारायण जायसवाल, कोआर्डिनेटर-सुधीर मिश्रा, लखनऊ मॉडल प. स्कूल गुंजन खत्री, स्कालर्स होम-अनुपम सिंह, सीपीएल इंटर कॉलेज नगराम-वीरेन्द्र कुमार, रामा कान्वेंट इटौंजा-शिव कुमार चौहान, राजीव गांधी मेमोरियल-राम अवतार वर्मा, यूनिटी कॉलेज- शबाना अहमद, महात्मा गांधी इ. कॉ. एए खान, जगतजीत इंटर कॉलेज, श्रावस्ती- राम बिहारी बाजपेई, रेड रोज राजाजाजीपुरम- दीपाली, गुरु कृपा डिवाइन ग्रेस बहराइच-जॉय रैतानी। हर स्कूल से दो-दो पोषण मिश्र व एक पोषण सारथी को भी सम्मानित किया गया।

शारीरिक व मानसिक विकास को मिलेगी गति
यूनिसेफ उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख डॉ. जकारी एडम का कहना है कि किशोरावस्था अवसरों की दूसरी खिड़की की तरह है, जिसमें शारीरिक व मानसिक विकास को गति दी जा सकती है। जिंदगी मास्टर क्लास के माध्यम से किशोर-किशोरियों के पोषण पर ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है। ये खुशी की बात है कि उपमुख्यमंत्री ने बच्चों के सुझाव व मांगों को स्वीकार कर लिया, हम आभारी हैं।

जिंदगी मास्टर क्लास में शामिल बच्चे बोले:

छात्रा दिव्यांश यादव का कहना है कि मोटे आनाज के फायदे के बारे में यहां जानकारी दी गई। स्वास्थ्य हमारे जीवन में कितना जरूरी है, इसके लिए क्या करनी चाहिए, इस बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शामिल होकर मुझे अच्छा लगा। अभिभावकों व दोस्तों को भी इसके बारे में जानकारी दूंगी।

छात्रा समाना का कहना है कि न्यूट्रिशन हमारी सेहत के लिए कितना जरूरी है। इसके बारे में यहां जानकारी दी गई है। फास्ट फूड का सेवन नहीं करना चाहिए, इससे हमारे शरीर को नुकसान होता है। स्वस्थ भोजन से ही शरीर का विकास होता है। कार्यक्रम में शामिल होकर अच्छा लगा।

छात्र उज्ज्वल का कहना है कि फास्ट फूड जितना कम खाएंगे हमारे शरीर के लिए उतना ही लाभदायक होगा। यहां घर का खाना खाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बताया गया कि मानसिक विकास के लिए घर का खाना ही जरूरी है। इससे किसी तरह का रोग भी नहीं होता। यहां स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई।

छात्र वैभव वाजपेयी का कहना है कि यहां आकर कई जरूरी बातें सीखने को मिली। जंक फूड हमारे शरीर को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बजाय पौष्टिक आहार करना चाहिए जिससे दिगाम और शरीर स्वस्थ्य रहे।

छात्र दिनेश कश्यप का कहना है कि कार्यक्रम में जंक फूड के नुकसान और पौष्टिक आहार के फायदे बताए गए। कक्षा के कुछ साथियों को पुरस्कार भी मिला है। अगली बार कोशिश रहेगी कि मुझे भी पुरस्कार मिले।

छात्र ऐश्वर्य का कहना है कि कार्यक्रम में बहुत कुछ नया सीखने को मिला। अब से स्कूल के टिफिन में पौष्टिक भोजन लेकर जाऊंगा, जो सेहत के लिए फायदेमंद हो।

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उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोले, पोषण जागरूकता के लिए हर स्कूल में हो कार्यक्रम

Programme of Zindagi Mastar class season 4.
कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक। - फोटो : अमर उजाला

पोषण जागरूकता के लिए प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रशिक्षण व कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें बच्चों को जागरूक भी किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को इस बाबत निर्देश जारी किए। वे डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन व यूनिसेफ के जिंदगी मास्टर क्लास सीजन-4 के तहत आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पोषण संबंधी मांगें और सुझाव रखे। समारोह के बाद उप मुख्यमंत्री ने महानिदेशक माध्यमिक व स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को निर्देश दिया कि वे छात्र-छात्राओं के दिए गए सुझावों का संज्ञान लें। किशोरवय छात्र-छात्राओं को उत्तम पोषण उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र कार्रवाई करें।

दो माह चला अभियान
अभियान के तहत पोषण सारथी (शिक्षक-शिक्षिका) पोषण मित्रों (किशोर-किशोरियों) को तैयार किया गया था। इनके माध्यम से दो माह लंबा अभियान लखनऊ, श्रावस्ती, अयोध्या और बहराइच के स्कूलों में चलाया गया।

बच्चों के सुझाव और मांगें
- स्कूलों की कैंटीन में जंक फूड पर रोक लगे। पैकेटबंद चीजें स्कूल लाने पर रोक हो। कैंटीन में पोषणयुक्त खानपान की चीजें हों।
- हर माह प्रधानाचार्य बिना बताए बच्चों का टिफिन चेक करें।
- खेलकूद पर भी ध्यान दिया जाए।
- हर छह महीने में बच्चों के माता-पिता को बुलाकर उनसे खानपान की जानकारी ली जाए।
- जंक फूड के नुकसान से बच्चों को अवगत कराएं।
- सभी को पोषण सारथी व पोषण मित्र से जोड़ें।

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