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हर साल 1.5 करोड़ बच्चों की जिंदगी को खतरा
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sun, 17 Nov 2013 11:28 AM IST
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गर्भकाल नौ महीने से पहले ही हर साल 1.5 करोड़ नवजात देश में जन्म लेते
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हैं। इनमें से करीब 10 लाख बच्चे जन्म के बाद बीमारी के चलते दम तोड़ देते
हैं।
शनिवार को वर्ल्ड प्रीमेच्योरिटी डे पर इंडियन फाउंडेशन फॉर प्रीमेच्योर बेबीज ने अपनी रिपोर्ट ‘डिलीवर्ड टू सून’ केजीएमयू में रिलीज की।
इसमें बताया गया है कि भारत में किस तरह प्रीमेच्योर प्रसव के चलते समस्या खड़ी हुई है। इसके लिए जरूरी कार्ययोजना को फाउंडेशन ने अपने एक्शन प्लान के तौर पर शामिल किया है।
यह रिपोर्ट एनआरएचएम के चाइल्ड हेल्थ डिवीजन के महाप्रबंधक डॉ. अनिल वर्मा और केजीएमयू ने किया।
शनिवार को वर्ल्ड प्रीमेच्योरिटी डे पर इंडियन फाउंडेशन फॉर प्रीमेच्योर बेबीज ने अपनी रिपोर्ट ‘डिलीवर्ड टू सून’ केजीएमयू में रिलीज की।
इसमें बताया गया है कि भारत में किस तरह प्रीमेच्योर प्रसव के चलते समस्या खड़ी हुई है। इसके लिए जरूरी कार्ययोजना को फाउंडेशन ने अपने एक्शन प्लान के तौर पर शामिल किया है।
यह रिपोर्ट एनआरएचएम के चाइल्ड हेल्थ डिवीजन के महाप्रबंधक डॉ. अनिल वर्मा और केजीएमयू ने किया।