फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   prize of 50 thousand on surendra kalia

सुरेंद्र कालिया पर 50 हजार का इनाम, खुद पर करवाई थी ताबड़तोड़ फायरिंग

Tue, 18 Aug 2020 05:28 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 18 Aug 2020 05:28 PM IST
विज्ञापन
prize of 50 thousand on surendra kalia
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय - फोटो : amar ujala
रेलवे ठेकेदार और जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र कालिया पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। सोमवार देर रात पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडय ने इनाम की घोषणा की। सुरेंद्र कालिया ने सरकारी गनर हासिल करने के लिए 13 जुलाई को आलमबाग अजंता हॉस्पिटल के सामने खुद पर ताबड़तोड़ फायरिंग करवाई थी।
विज्ञापन


वारदात का खुलासा पुलिस ने चार आरोपियों  को गिरफ्तारी कर किया था। कालिया फरार है। आलमबाग पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए हमले में शामिल चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था। वहीं हमले की साजिश रचने वाले सुरेन्द्र कालिया समेत चार बदमाश की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन


पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 9 एमएम और .32 बोर की पिस्टल समेत सफारी स्ट्रोम गाड़ी भी बरामद की थी जिसमें सवार होकर बदमाश घटनास्थल पर पहुंचे थे।  सुरेन्द्र कालिया ने अपने ऊपर हमले की पूरी कहानी वारदात से एकसप्ताह पहले आशियाना स्थित आवास पर रची थी। उसी समय एसयूवी में नौ फायर किए थे। वारदात के दिन चार फायर किए थे। फॉरेंसिक जांच में इसका खुलासा हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हरदोई के कछौना से है जिला पंचायत सदस्य 

एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, मूलरूप से हरदोई के कछौना से जिला पंचायत सदस्य सुरेन्द्र कालिया कृष्णा नगर के बरिगवां कानपुर रोड में रहता है। वह रेलवे की ठेकेदारी भी करता है। 13 जुलाई को सुरेन्द्र कालिया ने आलमबाग पुलिस को सूचना दी कि उसके ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। 

शूटरों ने करीब 13 राउंड गोलियां चलाई। बुलेटप्रूफ गाड़ी होने के चलते उसकी जान बच गई लेकिन उसका प्राइवेट गनर एटा निवासी रामरूप यादव घायल हो गया था। आलमबाग पुलिस ने उसकी तहरीर पर पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।

एडीसीपी ने बताया कि वारदात के बाद सुरेन्द्र कालिया ने पुलिस को बताया था कि उसने जौनपुर के जफराबाद रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का ठेका लिया है जिसमें उसके ज्वाइंट वेंचर डीडी आहूजा पार्टनर हैं। पूर्व सांसद उसे ठेके से हटाने के लिए लगातार धमकी दे रहे थे। न मानने पर उसके ऊपर जानलेवा हमला कराया।

सुरेन्द्र कालिया के इस बयान पर पुलिस जांच शुरू की। उसकी यह कहानी फर्जी निकली। फर्जी हमले के वारदात में  शामिल साजिशकर्ता सुरेन्द्र कालिया, सुमित सिंह, दो अज्ञात और गाड़ी पर फायर करने वाला शूटर अभी फरार हैैं जिनकी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed