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प्रियंका गांधी वाड्रा ने की डॉ. कफील की तत्काल रिहाई की मांग
Tue, 01 Sep 2020 09:21 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Sep 2020 09:21 PM IST
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : amar ujala
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने डॉ. कफील खान को तत्काल रिहा करने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. कफील खान के ऊपर से रासुका हटाकर उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। आशा है कि यूपी सरकार डॉ. कफील खान को बिना किसी विद्वेष के अविलंब रिहा करेगी। डॉ. कफील खान की रिहाई के प्रयासों में लगे तमाम न्यायपसंद लोगों व उत्तर प्रदेश के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मुबारकबाद।
उल्लेखनीय है कि सीएए और एनआसी के विरोध में कथित आपत्तिजनक भाषण देने पर डॉ. कफील खान के खिलाफ रासुका लगाने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध घोषित किया है। कोर्ट ने कफील को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में निरुद्ध करने के डीएम अलीगढ़ के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने रासुका की अवधि दोबारा बढ़ाने को अवैध करार देते हुए कफील को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
पीठ ने सरकार की इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कफील जेल में रहते हुए भी लगातार एएमयू के छात्रों के संपर्क में थे, जिससे शहर की शांति भंग होने का खतरा था। कोर्ट ने कहा, इसकी पुष्टि करने का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया। कफील 29 जनवरी से जेल में बंद हैं।
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उल्लेखनीय है कि सीएए और एनआसी के विरोध में कथित आपत्तिजनक भाषण देने पर डॉ. कफील खान के खिलाफ रासुका लगाने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध घोषित किया है। कोर्ट ने कफील को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में निरुद्ध करने के डीएम अलीगढ़ के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने रासुका की अवधि दोबारा बढ़ाने को अवैध करार देते हुए कफील को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
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पीठ ने सरकार की इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कफील जेल में रहते हुए भी लगातार एएमयू के छात्रों के संपर्क में थे, जिससे शहर की शांति भंग होने का खतरा था। कोर्ट ने कहा, इसकी पुष्टि करने का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया। कफील 29 जनवरी से जेल में बंद हैं।
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