अब सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट डॉक्टर करेंगे इलाज
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गोमती नगर विस्तार, चिनहट और मलिहाबाद में तैयार हो रहे मदर-चाइल्ड हॉस्पिटलों (एमसीएच) में प्राइवेट डॉक्टर इलाज करेंगे। यहां पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर इलाज और जांच की सुविधा देने की तैयारी है। यहां भवन तो सरकारी होगा, लेकिन इलाज, जांच और अन्य सुविधाओं का इंतजाम निजी कंपनी करेगी।
स्वास्थ्य महकमा अगले साल के मध्य से इन हॉस्पिटलों को शुरू करने की तैयारियों में जुटा है। गोमती नगर विस्तार में 200 बेड वाले एमसीएच को फिलहाल स्वास्थ्य महकमा ही चलाएगा। जबकि चिनहट और मलिहाबाद एमसीएच को पीपीपी मॉडल पर चलाया जाएगा। इन एमसीएच में इलाज से लेकर जांच और भर्ती की सुविधा निशुल्क होगी। प्रदेश के किसी सरकारी अस्पताल में अभी तक ऐसी व्यवस्था नहीं है।
गोमती नगर विस्तार में पांच एकड़ में तीस करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड का एमसीएच तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा चिनहट स्थित गांधी अस्पताल के पास 50 बेड का और मलिहाबाद में भी 50 बेड का एमसीएच बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की मानें तो संविदा पर तैनात होने वाले डॉक्टरों से काम लेना मुश्किल हो रहा है।
मुफ्त में होगा इलाज-जांच
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गोमती नगर विस्तार एमसीएच में 50 डॉक्टरों की टीम रहेगी । इसमें बाल रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट के साथ पीडियाट्रिक सर्जन की टीम रहेगी।
वहीं चिनहट और मलिहाबाद में एमसीएच में 25-25 डॉक्टरों की टीम रहेगी। सरकार अस्पताल का संचालन करने वाली कंपनी को इलाज की व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए बजट का वहन करेगी और मरीजों को पूरा इलाज मुफ्त में मिलेगा।
राजधानी में बनेगा एक और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
चक गंजरिया क्षेत्र में 10 एकड़ में सुपर स्पेशियलिटी कॉर्डियोलॉजी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार पीपीपी मॉडल पर इस अस्पताल का निर्माण करेगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इसके टेंडर को हरी झंडी दे दी है।
इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण पर 600 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। अस्पताल के निर्माण के लिए डवलपर को कई रियायतें भी दी जाएंगी। इन रियायतों में अस्पताल की 10 एकड़ भूमि को 1,000 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर दिया जाएगा।
पंजीकरण पर स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाएगी। निवेशकर्ता को अस्पताल की स्थापना के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र एकल खिड़की के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराएगा।