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प्रमुख सचिव आयुष व निदेशक यूनानी एससी आयोग में तलब
Tue, 16 Mar 2021 11:22 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 16 Mar 2021 11:22 AM IST
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- फोटो : pixabay
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यूनानी फार्मासिस्टों की भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी करने पर एससी आयोग ने प्रमुख सचिव आयुष और निदेशक यूनानी को दिल्ली बुलाया है। दोनों अधिकारियों को 18 मार्च को आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला के लोकनायक भवन दिल्ली स्थित कार्यालय में सभी दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत सुनवाई के लिए मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के अनुभाग अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता ने 15 मार्च को यह पत्र भेजा है।
प्रशिक्षित यूनानी फार्मासिस्ट सत्येंद्र कुमार सिंह और अनिल कुमार गौतम ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को 12 मार्च को पत्र भेजकर वर्ष 2014 में यूनानी फार्मासिस्ट की भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में कुल 263 पद फार्मासिस्टों के सृजित थे। इनमें से 168 पद भरे गए थे। बचे हुए 95 पदों के सापेक्ष 76 एससी-एसटी फार्मासिस्टों ने भी काउंसिलिग कराई थी। लेकिन 95 में से 89 पदों पर ही नियुक्ति की गई। जिसमें सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के ही अभ्यर्थी नियुक्त किए गए। एक एससी-एसटी उम्मीदवार को नियुक्ति नहीं दी गई।
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प्रशिक्षित यूनानी फार्मासिस्ट सत्येंद्र कुमार सिंह और अनिल कुमार गौतम ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को 12 मार्च को पत्र भेजकर वर्ष 2014 में यूनानी फार्मासिस्ट की भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में कुल 263 पद फार्मासिस्टों के सृजित थे। इनमें से 168 पद भरे गए थे। बचे हुए 95 पदों के सापेक्ष 76 एससी-एसटी फार्मासिस्टों ने भी काउंसिलिग कराई थी। लेकिन 95 में से 89 पदों पर ही नियुक्ति की गई। जिसमें सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के ही अभ्यर्थी नियुक्त किए गए। एक एससी-एसटी उम्मीदवार को नियुक्ति नहीं दी गई।
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