शर्मनाक: अंग्रेजी पढ़ा रही मैडम नहीं बता सकीं रेनबो की हिंदी!
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शहर के प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिठूर में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ा रही शिक्षिका ‘रेनबो’ का अर्थ नहीं बता पाईं।
यह देखकर बेसिक शिक्षा अधिकारी हैरत में पड़ गए। इसी दौरान क्लास में मौजूद बच्चों से पूछने पर एक छात्रा ने तपाक से जवाब दिया कि ‘रेनबो’ माने इंद्रधनुष ।
बीएसए ने हेड शिक्षिका को शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए सख्ती से निर्देश दिए हैं। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिठूर में बुधवार सुबह बीएसए विष्णु प्रताप सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कक्षा-4 में शिक्षिका कामिनी बेगम बच्चों को अंग्रेजी पढ़ा रहीं थी।
बीएसए ने शिक्षिका से ‘रेनबो’ का अर्थ पूछा तो वह सन्न रह गई। जवाब नहीं मिलने पर बीएसए ने क्लास में मौजूद बच्चों से इस सवाल का जवाब पूछा। इस पर क्लास में पढ़ रही छात्रा शिखा ने उत्तर दिया।
बीएसए ने दी वेतन वृद्धि रोकने की धमकी
बीएसए ने शिक्षिका को चेतावनी देते हुए कहा कि सुधार नहीं होने पर वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। विद्यालय परिसर में गंदगी और जर्जर भवन मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा।
इसी तरह निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय बिठूर सेकेंड में कक्षा-5 की छात्रा निशा हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाई। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चौबेपुर में विद्यालय भवन जर्जर मिला।
एमडीएम में बच्चों को दूध वितरित नहीं किया गया। इस पर ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस दौरान संयुक्त शिक्षा सचिव राजेन्द्र प्रसाद, बीएसए विष्णु प्रताप सिंह मौजूद रहे।