{"_id":"62c6d0092e15041611766930","slug":"president-election-yashwant-sinha-arrives-lucknow-to-seek-support-from-samajwadi-party","type":"story","status":"publish","title_hn":"President Election: विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा बोले- देश को खामोश राष्ट्रपति की जरूरत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
President Election: विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा बोले- देश को खामोश राष्ट्रपति की जरूरत नहीं
Fri, 08 Jul 2022 08:25 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 08 Jul 2022 08:25 AM IST
सार
राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का समर्थन प्राप्त करने के लिए लखनऊ पहुंचे संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने लखनऊ में सपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के साथ अखिलेश यादव व जयंत चौधरी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार व पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश को खामोश राष्ट्रपति की जरूरत नहीं है। देश को ऐसा राष्ट्रपति चाहिए, जो संविधान को बचा सके, लोकतंत्र को कायम रख सके और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग को रोक सके। वह बृहस्पतिवार को सपा कार्यालय में विधायकों से मिलने के बाद प्रेस वार्ता कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज की केंद्र सरकार प्रजातांत्रिक संस्था में विश्वास नहीं रखती है। वह अपना कानून चलना चाहती है और विपक्ष को महत्व नहीं देती है। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आपसी सहमति में विश्वास रखते थे। पर अफसोस है कि जिस पार्टी को अटल बिहारी ने सींचा, वह कहां से कहां पहुंच गई। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के तमाम विधायक और सांसद उनके साथ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिन्हा ने सत्ता पक्ष की उम्मीदवार का नाम लिए बिना सवाल किया कि क्या वे संविधान की रक्षा करने के लिए तैयार हैं। आदिवासी महिला होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल से जिस समुदाय के राष्ट्रपति हैं, क्या उस समुदाय का उत्थान हुआ। विपक्ष में होने के बावजूद बसपा सुप्रीमो मायावती के समर्थन न देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही पता था। विपक्षी दलों की बैठक में वह शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र्पति उम्मीदवार के तौर पर सिर्फ सत्ता पक्ष से नहीं बल्कि कई शक्तियों से लड़ रहे हैं। इसे पूरा देश देख रहा है।
वहीं वरिष्ठ नेता सुधींद्र कुलकर्णी ने बताया कि यशवंत सिन्हा को केरल में शत प्रतिशत समर्थन है। तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक में भी व्यापक समर्थन मिला है। यूपी के बाद गुजरात जाएंगे। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने कहा कि हमारी पार्टी यशवंत सिन्हा के साथ है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह चुनाव पूरे देश को जोड़ने वाला है। देश के मौजूदा हालात के मद्देनजर राष्ट्रपति पद के लिए यशवंत सिन्हा से बेहतर और कोई उम्मीदवार नहीं हो सकता है।
यशवंत सिन्हा की गिनाईं प्राथमिकताएं
यशवंत सिन्हा ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो संविधान के प्रति जवाबदेह रहेंगे। पर इसका मतलब प्रधानमंत्री से टकराव नहीं बल्कि मिल-बैठकर रास्ता निकालेंगे। अगर सरकार कोई ऐसा काम करेगी, जिससे प्रजातंत्र को नुकसान होगा तो उसे रोंकेंगे। चुनी गई सरकार को गिराने वालों को बेनकाब करेंगे। देश में सिर उठा रहीं सांप्रदायिक ताकतों को तोड़ेंगे। प्रेस की स्वतंत्रता बनाए रखेंगे। उन्होंने जुबेर प्रकरण की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
विधायकों से मिले सिन्हा, मांगा वोट
सपा कार्यालय में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने विधायकों से मुलाकात की। राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा हुई और शाम को एक होटल में डिनर किया। पार्टी कार्यालय में सपाविधायकों के साथ ही रालोद के विधायक भी पहुंचे। सिन्हा ने विधायकों से परिचय लिया। खुद का राजनीतिक अनुभव साझा किया। मौजूदा सियासी हालात पर चर्चा करते हुए युवा नेतृत्व की वकालत की। इस बैठक से जहां सुभासपा के विधायक दूर रहे वहीं शिवपाल सिंह यादव भी नजर नहीं आए। जबकि आजम खां बेटे अब्दुल्ला के साथ पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि आजम खां और अखिलेश यादव के बीच कुछ देर अकेले में गुफ्तगू भी हुई।