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Lucknow News: एआई के जरिये पुस्तकालयों को हाईटेक करने की तैयारी
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लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से पुस्तकालयों को आधुनिक बनाने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ शुक्रवार से लखनऊ विश्वविद्यालय में जुटेंगे। एक नवंबर तक चलने वाले 14वें अंतरराष्ट्रीय पुस्तकालय एवं सूचना पेशेवर शिखर सम्मेलन (आई-लिप्स 2026) में देश-विदेश के पुस्तकालय विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और सूचना विज्ञान के पेशेवर जुटेंगे। लखनऊ में यह आयोजन दूसरी बार हो रहा है।
आयोजन सचिव और लविवि में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रविश प्रकाश ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य पुस्तकालयों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल, ज्ञान के संरक्षण और शोध को प्रोत्साहित करने के लिए व्यावहारिक उपाय तलाशना है। आयोजन लविवि के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग तथा टैगोर पुस्तकालय की ओर से किया जा रहा है। उद्घाटन शुक्रवार को मालवीय सभागार में होगा। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन में फ्रांस, श्रीलंका, नॉर्वे, सिंगापुर और थाईलैंड समेत विभिन्न देशों के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। पहले दो दिनों में पांच सत्रों में करीब 100 शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। ये सत्र टैगोर पुस्तकालय सभागार और सामाजिक कार्य विभाग के सभागारों में होंगे। एक नवंबर को प्रतिभागियों को लखनऊ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
डिजिटल पुस्तकालयों में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा
सम्मेलन में एआई के जरिये डिजिटल पुस्तकालयों को अधिक उपयोगी बनाने और अकादमिक लेखन में जनरेटिव एआई के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। उच्च शिक्षा में एआई के प्रभावी उपयोग के साथ एआई की मदद से होने वाले शोध की विश्वसनीयता और जोखिमों पर भी चर्चा होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में पुस्तकालयों की भूमिका, शोध को बढ़ावा देने पर भी मंथन होगा। सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर भी विशेष चर्चा होगी।
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आयोजन सचिव और लविवि में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रविश प्रकाश ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य पुस्तकालयों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल, ज्ञान के संरक्षण और शोध को प्रोत्साहित करने के लिए व्यावहारिक उपाय तलाशना है। आयोजन लविवि के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग तथा टैगोर पुस्तकालय की ओर से किया जा रहा है। उद्घाटन शुक्रवार को मालवीय सभागार में होगा। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन में फ्रांस, श्रीलंका, नॉर्वे, सिंगापुर और थाईलैंड समेत विभिन्न देशों के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। पहले दो दिनों में पांच सत्रों में करीब 100 शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। ये सत्र टैगोर पुस्तकालय सभागार और सामाजिक कार्य विभाग के सभागारों में होंगे। एक नवंबर को प्रतिभागियों को लखनऊ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
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डिजिटल पुस्तकालयों में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा
सम्मेलन में एआई के जरिये डिजिटल पुस्तकालयों को अधिक उपयोगी बनाने और अकादमिक लेखन में जनरेटिव एआई के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। उच्च शिक्षा में एआई के प्रभावी उपयोग के साथ एआई की मदद से होने वाले शोध की विश्वसनीयता और जोखिमों पर भी चर्चा होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में पुस्तकालयों की भूमिका, शोध को बढ़ावा देने पर भी मंथन होगा। सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण पर भी विशेष चर्चा होगी।
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