फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Power crisis to be continue in Uttar Pradesh

अभी तक इस मुद्दे को नहीं हल कर सके अखिलेश

Sat, 09 Aug 2014 03:12 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Aug 2014 03:12 AM IST
विज्ञापन
Power crisis to be continue in Uttar Pradesh

प्रदेश के लोगों को फिलहाल जल्द बिजली संकट से निजात मिलने के आसार नहीं हैं। केंद्रीय और राज्य के बिजलीघरों की इकाइयों के उत्पादन में गिरावट के चलते हालात सुधर नहीं रहे हैं।

विज्ञापन


हालांकि मौसम में बदलाव के चलते घरेलू बिजली की मांग में थोड़ी कमी हुई है लेकिन बारिश न होने से सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ गई है।

पावर कॉर्पोरेशन पर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा आपूर्ति का दबाव बढ़ता जा रहा है। उधर, कोयला न पहुंचने की वजह से पारीछा बिजलीघर की बंद इकाइयों को शुक्रवार को भी नहीं चालू किया जा सका।

विज्ञापन

हर रोज पांच करोड़ की खरीद के बाद भी मुश्किल

Power crisis to be continue in Uttar Pradesh

पर्याप्त उपलब्धता न होने से गांवों से लेकर शहरों तक अतिरिक्त आपात कटौती का सिलसिला जारी है। प्रदेश में बिजली की मांग 12,500 मेगावाट के आसपास है जबकि उपलब्धता 11,000-11,500 मेगावाट के बीच ही है।

राज्य के बिजलीघरों का उत्पादन घटने से हालात बदतर होते जा रहे हैं। प्रदेश के बिजलीघरों का कुल उत्पादन घटकर 2000-2100 मेगावाट के आसपास रह गया है।

दूसरी तरफ केंद्रीय सेक्टर के बिजलीघरों की इकाइयों के बंद होने से प्रदेश को केंद्र से मिलने वाली बिजली के कोटे में कमी हो गई है।

एनर्जी एक्सचेंज से रोजाना चार-पांच करोड़ रुपये की बिजली खरीदने के बाद भी निर्धारित शिड्यूल केहिसाब से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

गांवों को मिल रही सात घंटे बिजली

Power crisis to be continue in Uttar Pradesh

गांवों को औसतन सात-घंटे तथा जिला मुख्यालयों को 14-15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। मंडल मुख्यालयों और महानगरों में भी तीन से चार घंटे अतिरिक्त आपात कटौती का सिलसिला जारी है।

बारिश न होने की वजह से गांवों में सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ गई है। ज्यादातर जिलों से इसके लिए अनुरोध किया जा रहा है। शक्ति भवन स्थित नियंत्रण कक्ष के अभियंताओं का कहना है कि राज्य के बिजलीघरों के उत्पादन की स्थिति को देखते हुए अब प्रदेश में आपूर्ति का पूरा दारोमदार केंद्र से मिलने वाली बिजली पर ही।

विज्ञापन

केंद्र से लिया जा रहा उधार

Power crisis to be continue in Uttar Pradesh

केंद्र से 6,000-7,000 मेगावाट तक बिजली ली जा रही जा रही है। जरूरत पड़ने पर थोड़ा-बहुत ओवरड्रा (तय कोटे से ज्यादा बिजली आयात) भी किया जा रहा है। घरेलू लोड धीरे-धीरे कृषि की तरफ बढ़ रहा है।

सिंचाई के लिए गांवों को कम से कम 10 घंटे बिजली देने की कोशिश की जा रही है। अनपरा और पारीछा की बंद इकाइयां चल जाएं तो दबाव थोड़ा कम हो सकता है और गांवों को शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति संभव हो सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed