...लेकिन बिजली कर्मचारियों की तो बल्ले-बल्ले
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बिजली कंपनियां अपने घाटे का हवाला देकर हर साल बिजली की दरें बढ़ाने के लिए दबाव बनाती हैं। लेकिन बिजली निगम के अफसरों व कर्मचारियों पर महंगी बिजली का कोई असर नहीं होता है।
ये लोग न्यूनतम फिक्स चार्ज देकर बिजली का मजा लेते हैं। यही नहीं, बिजली कंपनियां हर साल अपने कर्मियों के लिए बिजली की दरें न्यूनतम ही बढ़ाने का प्रस्ताव रखती हैं।
इस साल भी कंपनियों ने जो प्रस्ताव दिए उसमें भी महज 50 रुपये ही अफसरों-कर्मचारियों के एसी पर बढ़ाए गए हैं।
एक एसी का केवल 500 रूपये
बिजली कर्मियों को आज भी महंगे बिजली दरों के बावजूद एक एसी पर मात्र 500 रुपये प्रति माह का ही फिक्स चार्ज देना होता है। यह पैसा भी इन्हें अप्रैल से लेकर सितंबर तक यानी छह माह ही देना होता है।
बिजली कंपनियों ने अपने कर्मियों के लिए जो वृद्धि प्रस्तावित की है उसमें भी एसी के लिए मात्र मात्र 50 रुपये ही बढ़ाए गए हैं। यानी अब बिजली कर्मचारी 550 रुपये प्रति माह देकर एसी का मजा लेंगे।
यह सुविधा बिजली निगम के अवकाश प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मिलती है। प्रदेश में करीब 35 हजार बिजलीकर्मी हैं। वहीं आम आदमी की बात करें तो उसे एक एसी पर मौजूदा दर के हिसाब से 2500-3000 रुपये बिजली के चुकाने पड़ते हैं।
ये हैं कारण
दरअसल, बिजली कंपनियों ने अपने कर्मियों के लिए दो तरह की व्यवस्थाएं कर रखी हैं। पहली पद के हिसाब से फिक्स चार्ज, जबकि दूसरी व्यवस्था मीटर से बिजली का बिल देने की है।
मीटर लगाने के बाद इन्हें घरेलू बिजली दरों में 50 फीसदी की छूट मिलती है।
लेकिन बिजली कर्मी मीटर कभी नहीं लगवाते हैं। वे फिक्स चार्ज देकर ही बिजली का भरपूर उपभोग करते हैं।
...तो मीटर से बढ़ जाती है चोरी की आशंका
इस पर उत्तर प्रदेश विद्युत अभियंता संघ के महासचिव डीसी दीक्षित का कहना है कि फिक्स रेट भी कम नहीं है। अधिकारी रैंक पर हमें एक एसी का फिक्स चार्ज मिलाकर 11 हजार रुपये सालाना देना होता है।
इसका एक फायदा यह है कि इसकी शत प्रतिशत वसूली हो जाती है और एकमुश्त पैसा मिल जाता है। सभी कर्मियों के वेतन से ही बिजली का पैसा कट जाता है।
कुछ सालों पहले मीटर लगे थे लेकिन अधिकतर मीटर खराब हो गए हैं। मीटर से एक नुकसान और है कि इससे चोरी की आशंकाएं बढ़ जाती हैं।
बिजली कर्मियों के लिए दरें
श्रेणी----फिक्स चार्ज--फिक्स एनर्जी चार्ज---------फिक्स चार्ज-फिक्स एनर्जी चार्ज
चतुर्थ श्रेणी/ड्राइवर---90-----90------------------140------160
तृतीय श्रेणी----------90-----120------------------170------200
अवर अभियंता------175-----250-----------------230------370
सहायक अभियंता---185-----370-----------------260-----520
अधिशासी अभियंता--185----400-----------------280-----550
अधीक्षण अभियंता---425----490-----------------510------650
मुख्य अभियंता या ऊपर---425---600------------550-----750