सूरज की तपिश के बीच बिजली का बिल देगा झटका
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प्रदेश में घरेलू बिजली की दरों में आठ से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। कॉमर्शियल व औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी बोझ बढ़ सकता है। राज्य विद्युत नियामक आयोग नई दरों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
आयोग इस महीने के अंतिम सप्ताह तक दरों का ऐलान करना चाहता है ताकि जुलाई से नई दरें प्रभावी हो जाएं लेकिन शासन व पावर कॉर्पोरेशन ने आयोग पर जल्द टैरिफ आर्डर जारी करने का दबाव बना रखा है। सरकार की ओर से भी आयोग को इस बाबत इशारा किया गया है।
नई दरों को लेकर आयोग कशमकश में है। एक तरफ शासन व पावर कॉर्पोरेशन ने दरों में बढ़ोतरी के लिए दबाव बना रखा है तो दूसरी तरफ उपभोक्ता संगठनों की तरफ से इसका जबर्दस्त विरोध हो रहा है। आयोग ने दरों को बिजली कंपनियों की परफॉर्मेंस से जोड़ दिया है, इसके चलते भी मुश्किल आ रही है।
बिजली कंपनियां परफॉर्मेंस के मामले में आयोग की कसौटी पर खरी नहीं उतर पा रही हैं इसलिए वादे के मुताबिक आयोग पर दरें बढ़ाने के बजाय कम करने का दबाव भी ज्यादा है।
हो सकती है आठ से दस फीसदी की वृद्घि
सूत्रों का कहना है कि आयोग टैरिफ आर्डर को अंतिम रूप दे रहा है। संकेत हैं कि घरेलू समेत किसी भी श्रेणी की दरों में बहुत ज्यादा इजाफा नहीं होगा लेकिन बिजली की ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर आठ से 10 फीसदी तक की वृद्धि की जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि पावर कॉर्पोरेशन ने तो जल्द टैरिफ आर्डर जारी करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा ही रखा है, सरकार ने भी आयोग को इशारा किया है कि इसमें ज्यादा विलंब न किया जाए।
इसके बाद टैरिफ आर्डर को अंतिम रूप देने की कार्यवाही तेज हो गई है। अगले सप्ताह आयोग टैरिफ आर्डर जारी करने के संबंध में फैसला कर सकता है। अगले टैरिफ आर्डर में किए जा रहे कुछ अहम प्रावधानों का खुलासा आयोग पहले ही कर चुका है।
आयोग बिजली के बकायेदारों के लिए हर साल लाई जाने वाली एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) खत्म करने जा रहा है।
अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरें मीटर वालों से ज्यादा करने, समय पर बिल जमा करने वालों के बिल में छूट देने तथा रात में उत्पादन करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिल में छूट देने जैसे कई अहम प्रावधान किए जा रहे हैं।