{"_id":"c2f62692b7642395704cd87cab793077","slug":"political-gossip-58","type":"story","status":"publish","title_hn":"डैमेज कंट्रोल पर भारी बेतुके बोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डैमेज कंट्रोल पर भारी बेतुके बोल
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 22 Jul 2014 11:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेताजी के बेतुके बोलों पर टीवी चैनलों के प्राइम टाइम में चर्चा क्या हुई पार्टी और सरकार में कानाफूसी का दौर शुरू हो गया।
विज्ञापन
चुनाव में करारी हार के बाद सरकारी तंत्र के तौर-तरीकों में बदलाव और गुड गवर्नेंस के जरिये डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में जुटे वजीर-ए-आला तक भी मामला पहुंच गया है।
रोजा इफ्तारी में शिरकत की वजह से राजधानी में तमाम समाजवादियों और वजीरों का जमावड़ा था। जाहिर है, इस मुद्दे पर गुफ्तगू होना लाजिमी था।
पार्टी के कुछ पूर्व ओहदेदार और एक-दो वजीर भी ऑफ द् रिकॉर्ड विवादित बयान पर नाक भौं सिकोड़ते नजर आए।
एक ने कहा, बयान से इत्तेफाक तो सूबे में पार्टी और सरकार के सुप्रीमो भी नहीं रखते लेकिन, चुप्पी तोड़ भी तो नहीं सकते। उनके डैमेज कंट्रोल को बेतुके बोल काफी दिन पीछे खिसका देते हैं।
विज्ञापन
इतने पर एक राज्यमंत्री ने तपाक से कहा, नेताजी की बात गलत नहीं है बशर्ते मीडिया संदर्भ से काटकर न दिखाए। सब कुछ इन्हीं (मीडिया वालों) का करा धरा है।
विज्ञापन