{"_id":"60d760ce8ebc3e2d9e7d47c2","slug":"political-gonda-desk-news-lko5842745162","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेजुएशन की छात्रा को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने सबको चौंकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेजुएशन की छात्रा को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने सबको चौंकाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। मात्र 21 साल उम्र की ग्रेजुएशन की छात्रा आरती तिवारी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाकर भाजपा नेतृत्व ने प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश को चौंका दिया है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साधारण किसान की बेटी को राजनीति के शिखर पर पहुंचाकर यह संदेश दिया है कि नेतृत्व में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
बीते दिनों पार्टी के तमाम दिग्गजों को दर किनार कर जिस तरह से भाजपा के शीर्ष संगठन व मुख्यमंत्री ने बलरामपुर में युवा छात्रा आरती तिवारी को जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे प्रतिष्ठित पद का प्रत्याशी बनाकर सबको हैरत में डाल दिया था। शनिवार को नामांकन के दिन आरती के निर्विरोध निर्वाचन से यह तय हो गया है कि भाजपा में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री तथा संगठन के इस निर्णय की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। आरती तिवारी को अध्यक्ष बनाकर न केवल भाजपा ने युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की बल्कि एक तीर से कई शिकार किए। एक जाति विशेष की पार्टी के प्रति बढ़ रही नाराजगी भी मुख्यमंत्री के इस फैसले से काफी कम होगी।
सदर विधायक पल्टूराम और तुलसीपुर के विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि आरती तिवारी का अध्यक्ष बनना इस बात को साबित करता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पद पर धन बल तथा बाहुबल की अब जरूरत नहीं रही। गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने संगठन व सीएम के इस फैसले की जमकर सराहना की और कहा कि वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में पार्टी ने जिस तरह एक आम पार्टी कार्यकर्ता कैलाश नाथ शुक्ल को तुलसीपुर विधानसभा का टिकट देकर उनको विधायक बनाया। उसी तरह आरती तिवारी का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना भी साबित करता है कि पार्टी अपने आम कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
विज्ञापन
पार्टी के इस फैसले से विपक्षी दल चारो खाने चित नजर आ रहे हैं। आरती के निर्विरोध निर्वाचन के साथ-साथ जिले का राजनीतिक समीकरण भी बदल गया है। हर पार्टी युवाओं के प्रति विचार करने को विवश दिख रही है। संगठन तथा मुख्यमंत्री के इस निर्णय ने राजनीति के पुराने मठाधीशों को भी कड़ा संदेश दिया है। इस फैसले से राजनीति में बढ़ रहे परिवारवाद को भी गहरा धक्का लगा है।
विज्ञापन
बीते दिनों पार्टी के तमाम दिग्गजों को दर किनार कर जिस तरह से भाजपा के शीर्ष संगठन व मुख्यमंत्री ने बलरामपुर में युवा छात्रा आरती तिवारी को जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे प्रतिष्ठित पद का प्रत्याशी बनाकर सबको हैरत में डाल दिया था। शनिवार को नामांकन के दिन आरती के निर्विरोध निर्वाचन से यह तय हो गया है कि भाजपा में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री तथा संगठन के इस निर्णय की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। आरती तिवारी को अध्यक्ष बनाकर न केवल भाजपा ने युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की बल्कि एक तीर से कई शिकार किए। एक जाति विशेष की पार्टी के प्रति बढ़ रही नाराजगी भी मुख्यमंत्री के इस फैसले से काफी कम होगी।
विज्ञापन
सदर विधायक पल्टूराम और तुलसीपुर के विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि आरती तिवारी का अध्यक्ष बनना इस बात को साबित करता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पद पर धन बल तथा बाहुबल की अब जरूरत नहीं रही। गैसड़ी विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने संगठन व सीएम के इस फैसले की जमकर सराहना की और कहा कि वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में पार्टी ने जिस तरह एक आम पार्टी कार्यकर्ता कैलाश नाथ शुक्ल को तुलसीपुर विधानसभा का टिकट देकर उनको विधायक बनाया। उसी तरह आरती तिवारी का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना भी साबित करता है कि पार्टी अपने आम कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
विज्ञापन
पार्टी के इस फैसले से विपक्षी दल चारो खाने चित नजर आ रहे हैं। आरती के निर्विरोध निर्वाचन के साथ-साथ जिले का राजनीतिक समीकरण भी बदल गया है। हर पार्टी युवाओं के प्रति विचार करने को विवश दिख रही है। संगठन तथा मुख्यमंत्री के इस निर्णय ने राजनीति के पुराने मठाधीशों को भी कड़ा संदेश दिया है। इस फैसले से राजनीति में बढ़ रहे परिवारवाद को भी गहरा धक्का लगा है।