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तेलंगाना के बाद यूपी में दिखा इस खतरनाक बीमारी का संदिग्ध केस
ब्यूरो/अमर उजाला, बलरामपुर
Updated Sat, 18 Jun 2016 10:49 AM IST
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बलरामपुर में भर्ती मेहताब
- फोटो : amar ujala
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हैदराबाद में कुछ दिन पहले पोलियो का वायरस मिलने के बाद यूपी के बलरामपुर में इसका संदिग्ध मामला सामने आया है। बलरामपुर जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती एक बच्चे में पोलियो के लक्षण दिखे हैं।
गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पड़रौना निवासी मुस्तफा का आठ वर्षीय बेटा मेहताब जिला मेमोरियल अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती है। मेहताब की मां शहनाज ने शुक्रवार शाम बताया कि बेटे को करीब एक सप्ताह से बुखार था।
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अचानक मेहताब का पैर हिलना-डुलना बंद हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मेहताब को पोलियो होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सीएमएस डॉ. एसआईएच जैदी का कहना है कि मेहताब में एएफपी (एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
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डॉक्टरों ने बच्चे के स्टूल का सैंपल टेस्ट के लिए पीजीआई लखनऊ भिजवाया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे एएफपी का केस बताते हुए कह रहे हैं कि दो हफ्ते बाद जांच रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। मामले की रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी भेजी गई है।
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गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पड़रौना निवासी मुस्तफा का आठ वर्षीय बेटा मेहताब जिला मेमोरियल अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती है। मेहताब की मां शहनाज ने शुक्रवार शाम बताया कि बेटे को करीब एक सप्ताह से बुखार था।
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अचानक मेहताब का पैर हिलना-डुलना बंद हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मेहताब को पोलियो होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सीएमएस डॉ. एसआईएच जैदी का कहना है कि मेहताब में एएफपी (एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
जांच के लिए भेजा गया सैंपल
प्रतीकात्मक फोटो
सीएमएस ने बताया कि मेहताब के स्टूल का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही यह साफ होगा कि उसे पोलियो है कि नहीं। मेहताब के परिवारीजन भी बच्चे के पैर की स्थिति को देखते हुए पोलियो होने की आशंका जता रहे हैं।
हो रही है जांच
जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती मेहताब की जांच की जा रही है। उसमें एएफपी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। मेहताब को पोलियो ग्रसित कहना अभी जल्दबाजी होगी। मेहताब का स्टूल सैंपल जांच के लिए पीजीआई लखनऊ भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर ही मेहताब की असली बीमारी का पता चल पाएगा।
-डॉ. आशुतोष गुप्ता, सीएमओ बलरामपुर
क्या है एएफपी
-शून्य से 15 साल के बच्चों में बुखार एवं अन्य संक्रमण के चलते एएफपी हो जाता है। इस बीमारी में बच्चों के हाथ व पैर का मूवमेंट रुक जाता है। कई मामलों में झटके भी आते हैं। हालांकि समय से इलाज के बाद यह बीमारी ठीक भी हो सकती है। इस बीमारी के लक्षण पोलियो से मिलते जुलते हैं।
डॉ. एसआईएच जैदी, सीएमएस, जिला मेमोरियल अस्पताल, बलरामपुर
हो रही है जांच
जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती मेहताब की जांच की जा रही है। उसमें एएफपी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। मेहताब को पोलियो ग्रसित कहना अभी जल्दबाजी होगी। मेहताब का स्टूल सैंपल जांच के लिए पीजीआई लखनऊ भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर ही मेहताब की असली बीमारी का पता चल पाएगा।
-डॉ. आशुतोष गुप्ता, सीएमओ बलरामपुर
क्या है एएफपी
-शून्य से 15 साल के बच्चों में बुखार एवं अन्य संक्रमण के चलते एएफपी हो जाता है। इस बीमारी में बच्चों के हाथ व पैर का मूवमेंट रुक जाता है। कई मामलों में झटके भी आते हैं। हालांकि समय से इलाज के बाद यह बीमारी ठीक भी हो सकती है। इस बीमारी के लक्षण पोलियो से मिलते जुलते हैं।
डॉ. एसआईएच जैदी, सीएमएस, जिला मेमोरियल अस्पताल, बलरामपुर