स्वाति सिंह मामले में दो धाराएं और जोड़ी, दर्ज हुए बसपा नेताओं के बयान
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स्वाति सिंह की बेटी को अपशब्द कहने के मामले में हजरतगंज पुलिस ने दो और धाराएं जोड़ दी हैं। इसके बाद शुक्रवार को विवेचना कर रहे सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, राष्ट्रीय महासचिव अतर सिंह, राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम और पूर्व एमएलसी नौशाद अली को अपने ऑफिस बुलाकर बयान दर्ज किए। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
सीओ ने बताया कि मुकदमे में अवैध रूप से एकत्र होने और पुलिस एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। इस मुकदमे में बसपा से निष्कासित पूर्व राष्ट्रीय सचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी नामजद हैं। पूछताछ के लिए जल्द उन्हें भी नोटिस भेजा जाएगा।
लिहाजा चार्जशीट दाखिल होने में कुछ और समय लग सकता है। दोपहर करीब एक बजे चारों बसपा नेता अपने वकील के साथ सीओ हजरतगंज के ऑफिस पहुंचे थे।
उनसे हजरतगंज चौराहा पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति लेने, धरने में शामिल सुल्तानपुर के एक पूर्व विधायक व एक महिला नेता सहित चार लोगों से जान-पहचान होने के बारे में जानकारी मांगी गई। चारों ने विवेचक के सभी सवालों के बारे में जानकारी से इन्कार कर दिया।
ये था पूरा मामला
बता दें, पिछले साल जुलाई में बसपा नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने पर भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह, बेटी व बहन को हजरतगंज चौराहा पर जनसभा में अपशब्द कहे थे।
इस पर स्वाति सिंह ने 22 जुलाई को हजरतगंज कोतवाली में बसपा सुप्रीमो मायावती, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर, मेवालाल गौतम, नौशाद अली सहित अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट लिखाई थी।