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ढाई महीने बाद भी शूटर मिले न लगा कार का सुराग

Sun, 31 Jan 2021 01:59 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 01:59 AM IST
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police still could not find out loot culprits
विकासनगर थानाक्षेत्र में 11 नवंबर की रात बद्री सराफ ज्वैलरी शॉप के मालिक अभिषेक केशरवानी को कार सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। इस घटना को ढाई महीने से अधिक हो चुका है।
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लेकिन पुलिस के हाथ न तो शूटर लगे हैं और न ही कार के बारे में कोई जानकारी मिल सकी है। इससे व्यापारी परिवार दहशत में हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि खुलासा जल्द कर दिया जाएगा। कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
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महानगर निवासी अभिषेक केशरवानी का विकासनगर में बद्री सराफ के नाम से ज्वैलरी की दुकान है। बुधवार रात अभिषेक 10 बजे दुकान बंद कर पत्नी नेहा संग घर जा रहे थे। करीब 10.30 बजे कार सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उन पर हमला कर दिया था।
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अभिषेक को गोली दाहिनी बांह के नीचे सीने में लगी थी। लंबे इलाज के बाद अभिषेक कारोबार में जुट गए हैं। मामले में अभिषेक के पिता सुधीर केशरवानी ने सगे भाई फरीदाबाद निवासी राजेश केशरवानी, पीजीआई के प्रॉपर्टी डीलर अष्टभुजा पाठक और अज्ञात शूटरों के खिलाफ तहरीर दी।
पुलिस ने पीजीआई निवासी प्रॉपर्टी डीलर व नामजद आरोपी अष्टभुजा पाठक को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि जांच में कोई खास सुराग न मिलने के चलते आरोपी राजेश केशरवानी से फरीदाबाद स्थित उसके आवास पर पुलिस पूछताछ करने गई थी। लेकिन पुलिस को मायूसी ही हाथ लगी थी।
कार की डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस
एडीसीपी उत्तरी राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, इस वारदात में इस्तेमाल एसेंट कार की तलाश में जुटी है। इसके लिए पुलिस ने कंपनी के मुख्यालय से उस रंग की कार की डिटेल मंगाई। इसके अलावा सर्विस सेंटर से भी जानकारी जुटाई। जिसके बाद 40 संदिग्ध कारों की सूची तैयार की गई। एडीसीपी के मुताबिक पुलिस ने 37 कारों की जांच पूरी कर ली है। तीन कारों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। वहीं, फुटेज में भी कई सुराग हाथ लगे हैं।
जमीन से जुड़े विवाद से संबंधित पार्टियों की खंगाली जा रही कुंडली
पुलिस के मुताबिक यह हमला जमीन से जुड़े विवाद में होने का शक है। इसके लिए पुलिस केशरवानी परिवार से जुड़े और उनके करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही केशरवानी परिवार का जमीन को लेकर विवाद कुछ लोगों से चल रहा है। जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि कुछ कड़ियां तो मिल गई हैं उनको जोड़ना बाकी है। अब तक की पड़ताल में सामने आया कि अभिषेक के नाम से करोड़ों रुपये की जमीन है। इस पर कुछ लोगों की निगाह लगी है। जमीन रायबरेली हाईवे पर मोहनलालगंज थानाक्षेत्र में है। इसे लेकर मुकदमे भी चल रहे हैं। वहीं, इस जमीन को लेकर अभिषेक व उसके परिवारीजनों को धमकी भी दी जा चुकी है। पुलिस ने इसी जमीन से जुड़े अष्टभुजा पाठक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के दिन अष्टभुजा का मोबाइल बंद था। मोबाइल की जांच की गई तो उसके सभी डाटा फारमेट कर दिए गये थे। पुलिस जमानत के बाद उसकी हर हरकत पर नजर रखे है।

सुपारी देकर अगवा करने की थी साजिश
अभिषेक के मुताबिक, हमले के बाद उन्होंने कार में ऑटो लॉक लगा दिया था नहीं तो बदमाश उन्हें अगवा कर ले जाते। मौका देखकर कार भगा दी थी। इससे चिढ़े बदमाशों ने पीछे से गोली चलाई थी। कुछ दूर तक बदमाशों ने पीछा भी किया था, लेकिन अभिषेक ने कार विकासनगर थाने के पास जाकर रोकी थी। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जमीन की रजिस्ट्री के लिए बदमाश अगवा करने की कोशिश कर रहे थे। असफल होने पर गोली चला दी। पुलिस वारदात में सिर्फ तीन शूटरों के शामिल होने की बात कह रही है। वहीं, अभिषेक का कहना है कि कार सवार तीन बदमाशों के अलावा दो बाइक पर और भी बदमाश थे। पुलिस पड़ताल में यह वारदात सुपारी देकर कराने की बात सामने आई है।
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