एक छत से कूदी, दूसरी ने काटी नस और तीसरे ने फोड़ लिया सर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के वजीरगंज इलाके में रविवार को हिस्ट्रीशीटर भाइयों से मकान खाली कराने पहुंची पुलिस को घर में मौजूद लोगों की धुनाई करते देख एक महिला ने अपनी कलाई की नस काट ली। दूसरे हिस्ट्रीशीटर की पत्नी छत से कूदी, जबकि उसके भांजे की बीवी ने सिर फोड़ कर हंगामा शुरू कर दिया।
यह सबकुद देखकर पुलिस टीम भाग निकली। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर हमले व बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। घायलों को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इंस्पेक्टर वजीरगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि मोहल्ला मशकगंज में रहने वाली रेहाना बानो ने अपने मकान पर कब्जा जमाए हिस्ट्रीशीटर मो. रफीक व मो. शरीफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप था कि हिस्से में मिले मकान पर दोनों हिस्ट्रीशीटर भाइयों ने न सिर्फ कब्जा कर रखा है, बल्कि जुल्म ढा रहे हैं। पुलिस टीम जांच करने मौके पर पहुंची। जबरन कब्जा जमाए महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
इसके अलावा उन्होंने पुलिसकर्मियों से उलझने की कोशिश भी की। इसके साथ मो. शरीफ की पत्नी साजिया बानो ने छत से छलांग लगा दी। रफीक की पत्नी ताज बानो ने कलाई की नस काटी और उसके भांजे इंसाफ अली की पत्नी सोनू ने दीवार पर पटक कर सिर फोड़ लिया।
पुलिसकर्मियों पर लगाया आरोप
इसके साथ महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए शोर मचाना शुरू किया। सूचना पर उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। तीनों महिलाओं को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया और तहकीकात की जा रही है।
अस्पताल में भर्ती ताज बानो व साजिया ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनके घर पर धावा बोला और डंडे बरसाने शुरू कर दिए। घबराई साजिया पड़ोसी के घर में छुपने के इरादे से छत से कूदी। ताज बानो का आरोप है कि पुलिस के हमले में उसकी कलाई की नस कटी और पुलिसकर्मी ने डंडा मारकर सोनू का सिर फोड़ा।
घायल महिलाओं ने कहा कि रेहाना ने मकान पर कब्जा करने के लिए पुलिस से साठगांठ की थी। उसके इशारे पर पुलिस ने धावा बोलकर जुल्म ढाना शुरू कर दिया, जबकि पैतृक मकान पर रेहाना का कोई हक नहीं है।
इंस्पेक्टर अजीत सिंह चौहान के मुताबिक, कब्जे के लिए झगड़ रहे हिस्ट्रीशीटर भाइयों के बाबा मेरू ने अपनी तीन संतानों में संपत्ति का बंटवारा किया था।
इसके चलते बेटे मुलहे को ताजीखाना में दूसरे बेटे महरूम को अनवरगंज में और बेटी सायरा को मशकगंज का मकान दिया। मुलहे के हिस्ट्रीशीटर बेटे रफीक व शरीफ ने अपनी बुआ सायरा के मकान में रह रही उनकी बेटी रेहाना पर जुल्म ढाकर कब्जा कर रखा था और पूरा मकान कब्जाने के प्रयास में थे।