पुलिस के कड़े पहरे में पढ़ी गई जुमे की नमाज, पुलिस व प्रशासन रहा अलर्ट
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इसके पहले बृहस्पतिवार को भी मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फोर्स तैनात दिखी। इसके साथ ही पीएसी, सीआरपीएफ की टीम मुस्तैद नजर आई। प्रमुख मस्जिदों के बाहर भी फोर्स तैनात रही।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बीते दिसंबर 2019 को जुमे की नमाज के बाद प्रदेश भर में जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद से पुलिस व प्रशासन काफी संजीदा है। हालांकि इसके बाद अगले जुमा पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांति रही। हालांकि इसके लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं। लखनऊ में भी संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा रही।
पीएफआई के सदस्यों की आगरा में भी तलाश
वहीं, फिरोजाबाद, अलीगढ़ सहित प्रदेश के कई जिलों में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों की आगरा में भी तलाश की जा रही है। अलीगढ़ से खुफिया जानकारी के अनुसार कुछ सदस्य आगरा में रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को इनकी जानकारी जुटाने के लिए लगाया गया है। इनके छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई है। पीएफआई की गतिविधियों के लिए शासन ने आगरा जोन को खासतौर से अलर्ट किया।
दरअसल, अलीगढ़ में इस संगठन के कई सदस्य बताए जाते हैं। इसका ताल्लुक स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट इन इंडिया (सिमी) से भी बताया जा रहा है। सिमी की स्थापना अलीगढ़ में हुई थी। इन वजहों से आगरा के एडीजी जोन अजय आनंद ने सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट किया है।