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यूपी चुनाव: पीएम मोदी के तरकश से निकला 'ध्रुवीकरण' का तीर, विरोधी परेशान

Wed, 22 Feb 2017 07:16 PM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 22 Feb 2017 07:16 PM IST
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PM modi tries to polarise UP election.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम के बोल:

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1. गांव में कब्रिस्तान बन रहे हैं तो श्मशान भी बनने चाहिए।

2. रमजान में बिजली आती है तो दिवाली में भी आनी चाहिए।

3. यूपी में भेदभाव का बड़ा संकट है, सभी को हक मिलना चाहिए।

ये बोल भाजपा के किसी किसी सामान्य नेता के नहीं, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हैं। यह पहला मौका है जब फतेहपुर की चुनावी रैली में उन्होंने जाति-धर्म के आधार पर भेदभाव के लिए अखिलेश सरकार पर सीधा हमला किया।

विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी के ये बोल बहुत कुछ कह रहे हैं। दरअसल, आधा चुनाव बीत जाने के बाद भाजपा ने अपने तरकश से वोटों के ध्रुवीकरण का तीर निकाला है। इसी तीर से भाजपा ने लोकसभा चुनाव में विरोधियों को पस्त किया था।

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'भाजपा की कोशिश है आगे के चरणों में मजबूत हों'

PM modi tries to polarise UP election.

प्रदेश में अब तक 209 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो चुके हैं। केवल 194 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना बाकी है। इन सीटों पर अगले चार चरणों में चुनाव होने हैं। भाजपा की कोशिश है कि आने वाले चरणों में उसकी स्थिति और बेहतर रहे। इसके लिए मतों के धार्मिक आधार पर मतों के ध्रुवीकरण का सहारा लिया है।

यूं तो प्रदेश में कोई भी चुनाव ध्रुवीकरण के बिना नहीं हो पाता है। कहीं जातीय तो कहीं सांप्रदायिक ध्रुवीकरण। प्रधानमंत्री के 19 फरवरी के चुनावी भाषण को सीधे तौर पर इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

अभी तक अमित शाह, महंत आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य जैसे नेता ही ऐसी भाषा बोल रहे थे लेकिन अब पीएम नरेन्द्र मोदी भी इसमें कूद पड़े हैं। उन्होंने अखिलेश यादव सरकार पर जाति-धर्म के नाम पर तुष्टिकरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका इस तरह बोलना इसलिए महत्वपूर्ण है कि वह देश के पीएम और भाजपा के सबसे बड़े प्रचारक हैं। यूपी का पूरा चुनाव उनके नाम पर ही लड़ा जा रहा है।

पोस्टर, बैनरों से लेकर सारी प्रचार सामग्री उनके नाम से पटी पड़ी हैं। यही वजह है कि चुनाव में उनकी सर्वाधिक मांग भी हैं। हर चरण में उनकी तीन-तीन सभाएं कराई जा रही हैं।

बिना कोशिश के ही मिला ध्रुवीकरण का लाभ

PM modi tries to polarise UP election.

भाजपा को अब तक हुए चुनावों में ज्यादा कोशिशें किए बगैर वोटों के ध्रुवीकरण का लाभ मिलता दिखा है। इसका ज्यादा रुझान दूसरे चरण में दिखा है जिसमें11 जिलों की 67 सीटों पर चुनाव हुआ था। इनमें से अधिकतर सीट मुस्लिम बहुल है। प्रदेश के 22 मुस्लिम विधायक इसी चरण की सीटों से हैं।

सपा-बसपा ने इन जिलों में बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। कई सीटों पर मुस्लिमों का रुझान सपा के पक्ष में दिखा, कहीं बंटवारा हुआ और कुछ स्थानों पर बसपा के साथ दिखाई पड़े।

इन जिलों में भाजपा ने सवर्णों के साथ ही अति पिछड़ों और पिछड़े वोटों की अपने पक्ष में लामबंदी करने की कोशिश की है।

इस चरण में मोदी ने बहू, बेटियों से छेड़छाड़, गुंडागर्दी, जमीनों पर कब्जे, थानों में रिपोर्ट दर्ज न होने जैसे मुद्दे उठाकर ध्रुवीकरण की कोशिश की। पहले चरण के कुछ जिलों में भी भाजपा ने ऐसा ही किया।

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मुलायम के गढ़ में अखिलेश पर हमला

PM modi tries to polarise UP election.

हर चरण में भाजपा की रणनीति में बदलाव आया है। तीसरे चरण का मतदान मुलायम सिंह का गढ़ समझे जानी वाली यादव बेल्ट थे।

यहां सांसद डिंपल यादव के निर्वाचन क्षेत्र कन्नौज की सभा में मोदी ने मुलायम परिवार के अंतर्विरोधों को धार देने की कोशिश की।

उन्होंने अखिलेश पर उस कांग्रेस से गठजोड़ करने का आरोप लगाया, जिसने उनके पिता मुलायम सिंह की हत्या की साजिश रची थी।

मोदी ने जिस तरह जमीनों पर कब्जों जैसे मुद्दे उठाकर ओबीसी की एक खास जाति पर हमला किया उससे दूसरी जातियों की लामबंदी का संदेश गया।

अंतिम दौर में मुस्लिम तुष्टिकरण पर चोट

PM modi tries to polarise UP election.

आधा चुनाव निपट के बाद भाजपा उस रणनीति पर अमल कर कर रही है जो लोकसभा चुनाव में उसने आजमाई थी। फर्क इतना है कि लोकसभा चुनाव में मोदी ने मुस्लिम तुष्टिकरण पर सीधे हमला नहीं बोला था। अब वह संकेतों का सहारा न लेकर आक्रमण पर उतर आए हैं।

उन्होंने दलितों का हिस्सा पिछड़ों, पिछड़ों का यादवों, यादवों का हिस्सा मुलायम परिवार के नजदीकियों और मुलायम परिवार के नजदीकियों का हिस्सा मुसलमानों द्वारा मारे जाने की शिकायत का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, इस तरह का भेदभाव समाप्त होना चाहिए। एक तरह से पीएम ने सपा पर सीधे तौर पर जाति-धर्म की राजनीति करने का आरोप लगा दिया। ऐसा करके व्यापक जातीय लामबंदी की कोशिश की गई है।

मोदी के पक्ष-विपक्ष में सिमटी राजनीति

PM modi tries to polarise UP election.

जैसी उम्मीद थी, मोदी के सीधे हमले के बाद प्रदेश की राजनीति मोदी के पक्ष और विपक्ष में सिमटती जा रही है। यह भाजपा के लिए महत्वपूर्ण बात है।

मोदी के बयान पर न सिर्फ सीएम अखिलेश यादव, सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी वरन कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला, आनंद शर्मा सरीखे वरिष्ठ नेता जवाबी हमला कर रहे हैं। वे इसके खिलाफ निर्वाचन आयोग की बात कह रहे हैं।

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