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40 लाख किसानों की पीएम सम्मान निधि अटकी, प्रदेश से लेकर केंद्र तक के अधिकारी जुटे

Sun, 09 Jun 2019 03:55 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Sun, 09 Jun 2019 03:55 AM IST
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pm kisan nidhi paused for 40 lakh farmers officers from center to state finding solution
farmer - फोटो : PTI
उत्तर प्रदेश में करीब 40 लाख किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि फंस गई है। कहीं डाटा में गड़बड़ मिल रही है तो कहीं ग्रामीण और सहकारी बैंकों में खाते होने से समस्या खड़ी हो रही है। ये दोनों बैंक पीएफएमएस सॉफ्टवेयर से जुड़े नहीं है, जबकि भुगतान इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से हो रहा है। हालांकि, यह स्थिति सामने आने पर प्रदेश से लेकर केंद्र तक के अधिकारी इसका समाधान निकालने में जुटे हुए हैं।
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केंद्र सरकार इस योजना के तहत प्रत्येक किसान को 6 हजार रुपये सालाना देती है। अभी तक यूपी के 1 करोड़ 9 लाख किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है। पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से इन किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की प्रथम दो किस्तें भेजी जा चुकी हैं। 
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पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक 40 लाख ऐसे किसानों के आवेदन आ चुके हैं, जिनका डाटा किसी न किसी वजह से क्लियर नहीं हो सका है। इनमें अच्छी खासी संख्या में वे किसान हैं, जो रहते एक गांव में हैं, लेकिन उनके पास जमीन कई राजस्व ग्रामों में है। 
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इस तरह के किसानों ने एक गांव का अपना आवासीय पता दिया है, जबकि खतौनी (जमीन का ब्यौरा) किसी दूसरे गांव की लगा दी है। बड़ी संख्या में खतौनी और बैंक खातों में दिए गए नाम में अंतर है। बैंक का आईएफएससी कोड भी सही न होने के कारण पीएफएमएस उस डाटा को स्वीकार नहीं कर रहा है।

इसके अलावा पीएफएमएस सॉफ्टवेयर ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के खातों को भी स्वीकार नहीं करता है। अभी तक इन दोनों बैंकों को पीएफएमएस से लिंक ही नहीं किया गया है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में किसान पात्र होने के बावजूद योजना के दायरे से बाहर हैं। 

शासन के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण और सहकारी बैंकों में खाते होने से आ रही समस्या को केंद्र सरकार के सामने रख दिया गया है। जल्द ही इन दोनों बैंकों को भी पीएफएमएस से लिंक किए जाने की उम्मीद है। वहीं, जहां किसानों की ओर से दी गई जानकारी और रिकॉर्ड में अंतर है, उसका सत्यापन कराने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। 

प्रदेश में पीएम सम्मान निधि योजना की स्थिति

उत्तर प्रदेश में किसानों की कुल संख्या 2.38 करोड़ है। इनमें से पीएम सम्मान निधि योजना के लिए 1.11 करोड़ किसानों का डाटा सही पाया गया है। 1.09 करोड़ किसानों को भुगतान भी हो चुका है। कृषि विभाग का कहना है कि जल्द ही शेष पात्र किसानों को भी योजना के दायरे में लाने के लिए ग्राम पंचायतवार अभियान चलाया जाएगा। 

इस दौरान जिन किसानों का डाटा मैच नहीं कर रहा है, उसका सत्यापन भी कराया जाएगा। यहां बता दें कि अभियान के दौरान राजस्व व कृषि विभाग की टीम किसानों से ऑफ लाइन आवेदन लेगी, जिसे उत्तर प्रदेश कृषि पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पहले की तरह किसानों से पात्रता की शर्तें पूरी करने संबंधी घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश कृषि पोर्टल से यह डाटा पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

बड़ी संख्या में किसानों के खाते ग्रामीण व सहकारी बैंक में होने से दिक्कत आ रही है। इस बारे में केंद्र सरकार से बात की गई है। जल्द ही समाधान निकल आएगा।
-अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव, कृषि 
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