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‘सैंया भये कोतवाल’ ने गुदगुदाया
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 26 Apr 2014 10:37 AM IST
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‘हमार कोतवाल पिया बहुतै मारू.., दिन चढ़ते ही चढ़ाय लेत दारू..’। नगर
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कोतवाल वो भी ऐसी दाद वाला, तो शहर का हाल ऊपर वाला ही जाने।
ऐसे ही एक कोतवाल की गाथा शुक्रवार शाम मंच पर उतरी तो ठहाके लगाते-लगाते देखने वालों का पेट फूल गया।
ठहाकों का ये नजारा गोमतीनगर के संत गाडगे जी प्रेक्षागृह में मंचकृति के नाटक ‘सैंया भये कोतवाल’ में दिखा। निर्देशन अभिनेता संगम बहुगुणा का रहा।
हाल ही रिलीज हुई वासु भगनानी कैंप की फिल्म यंगिस्तान में कद्दावर मंत्री का किरदार निभाने के बाद ये उनका पहला मंचन रहा।
नाटक का ताना-बाना एक ऐसे राज्य के इर्द-गिर्द बुना गया है, जहां के राजा को राज्य की कोई फिक्र ही नहीं रहती और वहां का कोतवाल एक भैंस चराने वाले को बना दिया जाता है।
उसके बाद शुरू होता है ऊटपटांग हरकतों का दौर। मंचन में कोतवाल के किरदार में संगम बहुगुणा, सिपाही के किरदारों में अंबरीश बाबी, अभिषेक, मनोज वर्मा और अंकुर सक्सेना सराहे गए।
ऐसे ही एक कोतवाल की गाथा शुक्रवार शाम मंच पर उतरी तो ठहाके लगाते-लगाते देखने वालों का पेट फूल गया।
ठहाकों का ये नजारा गोमतीनगर के संत गाडगे जी प्रेक्षागृह में मंचकृति के नाटक ‘सैंया भये कोतवाल’ में दिखा। निर्देशन अभिनेता संगम बहुगुणा का रहा।
हाल ही रिलीज हुई वासु भगनानी कैंप की फिल्म यंगिस्तान में कद्दावर मंत्री का किरदार निभाने के बाद ये उनका पहला मंचन रहा।
नाटक का ताना-बाना एक ऐसे राज्य के इर्द-गिर्द बुना गया है, जहां के राजा को राज्य की कोई फिक्र ही नहीं रहती और वहां का कोतवाल एक भैंस चराने वाले को बना दिया जाता है।
उसके बाद शुरू होता है ऊटपटांग हरकतों का दौर। मंचन में कोतवाल के किरदार में संगम बहुगुणा, सिपाही के किरदारों में अंबरीश बाबी, अभिषेक, मनोज वर्मा और अंकुर सक्सेना सराहे गए।