जानें, लखनऊ के स्मार्ट सिटी बनने में कितना होगा खर्च
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लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 2739 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। यह खर्च रेट्रोफिटिंग में चुने गए कैसरबाग क्षेत्र और पैन सिटी विकास में अलग-अलग प्रोजेक्ट पर होगा।
रेट्रोफिटिंग के लिए चुने गए कैसरबाग का दायरा पहले से बढ़ चुका है। इसमें अब ज्यादा आबादी को फायदा देने के लिए हीवेट रोड और कैंट रोड को भी शामिल कर दिया गया है। ऐसे में पहले से तय क्षेत्रफल 500 एकड़ से बढ़कर 692 एकड़ हो गया है। इससे यहां रहने वाली करीब 62,153 लोगों और बाहर से आने वाले करीब 20 हजार लोगों को फायदा होगा।
डीएम राजशेखर को स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) का एक प्रेजेंटेशन कंसल्टेंट डाटा वर्ल्ड और नगर निगम ने दिया है। इसमें ये आंकड़े प्रदर्शित किए गए। ड्राफ्ट रिपोर्ट में शामिल किए जा रहे आंकड़ों के मुताबिक, बजट को दो भागों में बांटा गया है। इसमें से 1618.91 करोड़ रुपये पैनसिटी प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे। इसके अलावा रेट्रोफिटिंग में एक इलाके को चुनकर वहां मूलभूत सुविधाएं विकसित करनी हैं। यहां 1120.50 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे।
जुगाड़ से आएगा पैसा
बजट की व्यवस्था पीपीपी मॉडल, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में मिलने वाले मामूली फंड के अलावा विभागों की योजनाओं-अमृत, 14वीं वित्त योजना और राज्य सरकार से मिलने वाले बजट से की जाएगी। कंसल्टेंट कंपनी ने बजट का बड़ा हिस्सा पीपीपी मॉडल से जुटाने के सुझाव दिया है। ऐसे में पीपीपी मॉडल पर पैन सिटी विकास के लिए प्रोजेक्ट के लिए बजट तो मिल जाएगा। इसके उलट रेट्रोफिटिंग में बड़ा खर्च सरकारी मद से ही करना होगा।
कहां कितना होगा खर्च
रेट्रोफिटिंग
सिटी ट्रांसपोर्ट--325 करोड़ रुपये
स्मार्ट सोलर ग्रिड--172 करोड़ रुपये
सर्विस इंप्रूवमेंट--623 करोड़ रुपये
इसमें मुख्य रूप से फुटओवरब्रिज, सबवे पर 45 करोड़ रुपये, पार्किंग-ग्लोबपार्क, कैसरबाग बस अड्डे पर क्रमश: 75 व 140 करोड़ रुपये, सोलर पैनल लगाने पर 72 करोड़ रुपये, सीवरेज ट्रीटमेंट की डबल पाइप डालने पर 90 करोड़ रुपये, ड्रेनेज पर 182 करोड़ रुपये, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर 59 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पैन सिटी
ई-नागरिक सुविधाएं--1533.91 करोड़ रुपये
आईसीटी एंड ई-गवर्नेंस--85 करोड़ रुपये
इसमें से 5.73 करोड़ रुपये सीसीटीवी कैमरे लगाने, 80 करोड़ रुपये साइकिल ट्रैक, 7.08 करोड़ रुपये बसों की जीपीएस नेवीगेशन, 450 करोड़ रुपये मल्टीलेवल पार्किंग, 570 करोड़ हैदरकैनाल पर एलीवेटेड रोड, 55 करोड़ रु. एनर्जी एफिशिएंट स्ट्रीटलाइट, 75 करोड़ रपुये लखनऊ स्मार्ट सिटी पोर्टल और 31.35 करोड़ रुपये स्मार्ट बस स्टॉप पर खर्च होने हैं।
इस पर अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि यह बजट अभी शुरुआती आकलन के मुताबिक है। इसमें कुछ बदलाव अभी हो सकते हैं। अभी तक के आकलन के बाद कंसल्टेंट ने यह खर्च निकाला है। फाइनल ड्राफ्ट में इस बजट को केंद्र व राज्य सरकार को भेजा जाएगा।