यूपी में टैक्स फ्री हुई 'पीके' तो छिड़ा सियासी संग्राम!
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एक तरफ पूरे देश में फिल्म पीके का विरोध जारी है और जगह-जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ सपा सरकार ने हिंदू संगठनों को करारा जवाब देते हुए फिल्म को सूबे में इंटरटेनमेंट टैक्स फ्री कर दिया है।
यूपी सरकार के सीएम ऑफिस ट्विटर अकाउंट से बुधवार सुबह यह जानकारी दी गई। ट्वीट में लिखा गया, 'फिल्म पीके में दिए गए अच्छे संदेश से प्रभावित होकर उत्तर प्रेदश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे सूबे में मनोरंजन टैक्स फ्री करने का फैसला लिया है।'
गौरतलब है कि फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं पर तंज कसा गया है और हिंदू संगठनों का मानना है कि फिल्म के अभिनेता आमिर खान और निर्देशक राजू हीरानी ने जानबूझकर सिर्फ हिंदू धर्म पर कटाक्ष किया है और भगवान का उपहास भी उड़ाया है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अखिलेश का यह फैसला महज सियासी दांव है या फिर वाकई वह धर्म निरपेक्ष होकर इस फिल्म के संदेश से प्रभावित हुए हैं।
हर तरफ हो रहा है पीके पर बवाल
पीके के मैसेज को एक तरफ अखिलेश सरकार सही मान रही है तो दूसरी तरफ हिंदू युवा वाहिनी से लेकर विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना से लेकर बजरंग दल जैसे तमाम हिंदू संगठन इस धार्मिक व्यंग्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। हिंदू धर्मगुरु शंकराचार्य से लेकर बाबा रामदेव तक ने फिल्म पर सवाल उठाया है।
दिल्ली से लेकर अहमदाबाद और यूपी में लखनऊ से लेकर मऊ तक इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन जारी हैं। इसकी चपेट में कई सिनेमाहॉल भी आए हैं। इस पूरे बवाल में सेंसर बोर्ड पर भी उंगलियां उठती रहीं। हालांकि, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सेंसर बोर्ड ने दो टूक कह दिया कि यह कोई बैन करने वाला बोर्ड नहीं है।
पीके के विरोध में हर तरफ हो रहे प्रदर्शनों के बारे में सेंसर बोर्ड की प्रमुख लीला सैमसन ने कहा है कि उनका काम प्रमाणपत्र देना है. उन्होंने वही किया उन्होंने कहा, 'हम कोई बैन लगाने वाले बोर्ड नहीं हैं। राजनीतिक और वैचारिक समूह अपने समर्थकों को इसे न देखने की सलाह दे सकते हैं।'
भाजपा और विहिप ने साधा निशाना
सपा सरकार का यह फैसला सियासी है या नहीं, यह तो सीएम अखिलेश ही जानते हैं, लेकिन यह फैसला विरोधी दल भाजपा और हिंदू संगठन विश्व हिंदू परिषद को नागवार गुजरा है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश अपने पिता मुलायम की ही तुष्टीकरण की नीति को ही आगे बढ़ा रहे हैं। यह फैसला इसी सोच का नतीजा है। उन्होंने कहा कि संत, धर्माचार्य जब फिल्म का विरोध कर रहे हैं ऐसे में फिल्म को टैक्स फ्री करना फिल्म का विरोध कर रहे लोगों के मुंह पर तमाचा ही तो है।
भाजपा के बयान से एक कदम आगे निकलते हुए विहिप के प्रदेश मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि अखिलेश सरकार कट्टरपंथियों के हाथ की कठपुतली बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश किसी भी तरह से हिंदू धर्म के लोगों को नीचा दिखाने की रहती है। ऐसे ही लोगों को अखिलेश ने पूरी छूट दे रखी है।
शरद शर्मा ने यह भी कहा कि अखिलेश सिर्फ तुष्टीकरण और व्यापार के लिए ऐसा कर रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। भाजपा और विहिप से इतर अन्ना आंदोलन का हिस्सा रहे स्वामी अग्निवेश ने सीएम अखिलेश के फैसले का स्वागत किया है और देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पीके को टैक्स फ्री करने की सलाह दी है।
वहीं बजरंग दल के प्रदेश संयोजक सुरेन्द्र मिश्रा ने कहा है कि सीएम के इस फैसले के खिलाफ हम पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेंगे। ये फैसला हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।