{"_id":"5f1feae38ebc3e9fa15b0890","slug":"pil-dismissed-by-high-court-filed-to-investigate-irregularities-in-teachers-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में धांधली की सीबीआई जांच की पीआईएल खारिज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में धांधली की सीबीआई जांच की पीआईएल खारिज
Tue, 28 Jul 2020 02:37 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 28 Jul 2020 02:37 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की सीबीआई से जांच कराए जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका संबंधित विवरण के अभाव में खारिज कर दी। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनाया।
याची ने भर्ती परीक्षा में कथित शिक्षा माफिया गैंग, छद्म परीक्षार्थी, सॉल्वर गैंग समेत पर्दे के पीछे से भ्रष्टाचार का खेल खेलने वाले सरकारी कर्मियों की भूमिका उजागर करने के लिए सीबीआई से इसकी जांच कराने के निर्देश सरकार को दिए जाने की गुजारिश की थी। याची का आरोप था कि शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर वसूली कर घोटाले को अंजाम दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने दलील दी कि यह घटना प्रयागराज में हुई और वहीं एसटीएफ ने संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया। ऐसे में याची इसे लेकर प्रयागराज में एसटीएफ को अर्जी दे सकता था। मामले की तफ्तीश चल रही है और कई लोग गिरफ्तार हुए हैं।
विज्ञापन
लिहाजा यह याचिका ' प्रीमेच्योर' है। यह सुनवाई किए जाने लायक नहीं और खारिज किए जाने योग्य है। इस पर कोर्ट ने याचिका को ग्रहण करने से इनकार करते हुए याची को इसे वापस लेने और बेहतर ब्योरे के साथ नई याचिका दाखिल करने की छूट भी दी है।
विज्ञापन
याची ने भर्ती परीक्षा में कथित शिक्षा माफिया गैंग, छद्म परीक्षार्थी, सॉल्वर गैंग समेत पर्दे के पीछे से भ्रष्टाचार का खेल खेलने वाले सरकारी कर्मियों की भूमिका उजागर करने के लिए सीबीआई से इसकी जांच कराने के निर्देश सरकार को दिए जाने की गुजारिश की थी। याची का आरोप था कि शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर वसूली कर घोटाले को अंजाम दिया गया है।
विज्ञापन
राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने दलील दी कि यह घटना प्रयागराज में हुई और वहीं एसटीएफ ने संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया। ऐसे में याची इसे लेकर प्रयागराज में एसटीएफ को अर्जी दे सकता था। मामले की तफ्तीश चल रही है और कई लोग गिरफ्तार हुए हैं।
विज्ञापन
लिहाजा यह याचिका ' प्रीमेच्योर' है। यह सुनवाई किए जाने लायक नहीं और खारिज किए जाने योग्य है। इस पर कोर्ट ने याचिका को ग्रहण करने से इनकार करते हुए याची को इसे वापस लेने और बेहतर ब्योरे के साथ नई याचिका दाखिल करने की छूट भी दी है।