{"_id":"5d6602b78ebc3e93d33e4a3c","slug":"pick-and-choose-policy-in-bsa-appointment-ended-cm-to-launch-prerna-app-on-4-september","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएसए की तैनाती में पिक एंड चूज की नीति खत्म, सीएम चार सितंबर को लॉन्च करेंगे प्रेरणा एप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसए की तैनाती में पिक एंड चूज की नीति खत्म, सीएम चार सितंबर को लॉन्च करेंगे प्रेरणा एप
Wed, 28 Aug 2019 09:57 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 28 Aug 2019 09:57 AM IST
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने स्कूली शिक्षा के लिए महानिदेशालय का गठन करने की घोषणा की है। इसमें अलग से महानिदेशक की नियुक्ति की जाएगी। द्विवेदी मंगलवार को यहां एसआईईटी कार्यालय में मीडिया से मुखातिब थे।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का संवर्ग अलग-अलग नहीं होने से कई बार तबादलों के दौरान दिक्कत आती है। इस समस्या के समाधान के लिए जल्द बेसिक शिक्षा अधिकारियों का नया संवर्ग बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की तैनाती में अब पिक एंड चूज की नीति नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर जिलों में बीएसए बनने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए उनसे प्रार्थना पत्र लिया जाएगा। बीते तीन-चार वर्षों में एसीआर अच्छी होने पर उन्हें बीएसए के रूप में तैनाती दी जाएगी।
विज्ञापन
इससे पहले उनका इंटरव्यू लेकर एक्शन प्लान पूछा जाएगा। ऐसे सौ से अधिक अधिकारियों का समूह तैयार किया जाएगा, जिन्हें बतौर बीएसए तैनाती दी जा सके। इससे सभी अधिकारियों को अपनी कार्यक्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।
अब तक कुछ ही अधिकारी घूम-फिरकर एक से दूसरे जिले में बीएसए तैनात होते थे। उन्होंने कहा कि विभाग में समूह क और ख के खाली पदों को जल्द भरा जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज स्थित कार्यालय को भी लखनऊ में स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का संवर्ग अलग-अलग नहीं होने से कई बार तबादलों के दौरान दिक्कत आती है। इस समस्या के समाधान के लिए जल्द बेसिक शिक्षा अधिकारियों का नया संवर्ग बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की तैनाती में अब पिक एंड चूज की नीति नहीं चलेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर जिलों में बीएसए बनने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए उनसे प्रार्थना पत्र लिया जाएगा। बीते तीन-चार वर्षों में एसीआर अच्छी होने पर उन्हें बीएसए के रूप में तैनाती दी जाएगी।
विज्ञापन
इससे पहले उनका इंटरव्यू लेकर एक्शन प्लान पूछा जाएगा। ऐसे सौ से अधिक अधिकारियों का समूह तैयार किया जाएगा, जिन्हें बतौर बीएसए तैनाती दी जा सके। इससे सभी अधिकारियों को अपनी कार्यक्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।
अब तक कुछ ही अधिकारी घूम-फिरकर एक से दूसरे जिले में बीएसए तैनात होते थे। उन्होंने कहा कि विभाग में समूह क और ख के खाली पदों को जल्द भरा जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज स्थित कार्यालय को भी लखनऊ में स्थापित किया जाएगा।
प्रेरणा एप 4 को होगा लॉन्च
द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 सितंबर को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रेरणा एप को लॉन्च करेंगे। वे एप के जरिए ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर से सीधा संवाद भी करेंगे। प्रेरणा एप पर एक दिन की देरी या अनुपस्थिति पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन महीने में तीन दिन से अधिक बार देरी या अनुपस्थिति पर कार्रवाई की जाएगी। प्रेरणा एप के लिए स्कूलों को टेबलेट वितरित किए जाएंगे। विभाग का मानव संपदा पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ स्कूलों के पूरे संसाधन और गतिविधियों को तस्वीर के जरिये अपलोड किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिदिन पांच स्कूलों का निरीक्षण कर फोटो एप पर अपलोड करनी होगी।
फर्जी शिक्षक बाहर किए जाएंगे
द्विवेदी ने बताया कि सहायता प्राप्त और राजकीय स्कूलों में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति के मामले भी सामने आए हैं। अभियान चलाकर इन फर्जी शिक्षकों को बाहर किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बताया कि बीते वर्ष एसआईटी ने 4000 फर्जी शिक्षकों की सूची विभाग को दी थी। इनमें से 1300 शिक्षकों को अब तक बाहर किया गया है।
बेसिक स्कूलों में भी लागू होना एनसीईआरटी पाठ्यक्रम
द्विवेदी ने कहा कि अगले शैक्षिक सत्र से परिषदीय स्कूलों में भी एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चे भी आगे चलकर निजी स्कूलों के बच्चों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
फर्जी शिक्षक बाहर किए जाएंगे
द्विवेदी ने बताया कि सहायता प्राप्त और राजकीय स्कूलों में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति के मामले भी सामने आए हैं। अभियान चलाकर इन फर्जी शिक्षकों को बाहर किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बताया कि बीते वर्ष एसआईटी ने 4000 फर्जी शिक्षकों की सूची विभाग को दी थी। इनमें से 1300 शिक्षकों को अब तक बाहर किया गया है।
बेसिक स्कूलों में भी लागू होना एनसीईआरटी पाठ्यक्रम
द्विवेदी ने कहा कि अगले शैक्षिक सत्र से परिषदीय स्कूलों में भी एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चे भी आगे चलकर निजी स्कूलों के बच्चों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
एनबीआरसी और संकुल प्रभारी के पद समाप्त होंगे
राज्यमंत्री ने कहा कि एनबीआरसी और संकुल प्रभारी के पद समाप्त किए जाएंगे। स्कूलों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। अमूमन देखा जाता है कि स्कूलों में गड़बड़ी मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए दोष संकुल प्रभारी या एनबीआरसी पर डालते हैं।
पाठ्यपुस्तक और यूनिफॉर्म वितरण के लिए बनेगा निगम
द्विवेदी ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों को निशुल्क स्कूल यूनिफॉर्म और पाठ्यपुस्तक वितरण के लिए निगम का गठन किया जाएगा। निगम में अलग से अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर की समयबद्ध वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
पाठ्यपुस्तक और यूनिफॉर्म वितरण के लिए बनेगा निगम
द्विवेदी ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों को निशुल्क स्कूल यूनिफॉर्म और पाठ्यपुस्तक वितरण के लिए निगम का गठन किया जाएगा। निगम में अलग से अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर की समयबद्ध वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
महिला शिक्षकों को ग्रुप सेल्फी से छूट
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रेरणा एप में महिला शिक्षकों को पुरुष शिक्षकों के साथ ग्रुप सेल्फी से छूट दी गई है। महिला शिक्षक अपनी कक्षा के बच्चों के साथ अलग से सेल्फी लेकर अपलोड कर सकेंगी। द्विवेदी ने कहा कि उनके दफ्तर के दरवाजे शिक्षकों के लिए हमेशा खुले हैं। शिक्षकों के लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं है।
सफाई कर्मियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी
द्विवेदी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से प्रतिदिन स्कूलों की सफाई करनी होगी। स्कूलों में उनकी बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। ग्रामीण स्कूलों के लिए पंचायतीराज विभाग और नगरीय स्कूलों के लिए नगर विकास विभाग इसका आदेश जारी करेंगे।
सफाई कर्मियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी
द्विवेदी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से प्रतिदिन स्कूलों की सफाई करनी होगी। स्कूलों में उनकी बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। ग्रामीण स्कूलों के लिए पंचायतीराज विभाग और नगरीय स्कूलों के लिए नगर विकास विभाग इसका आदेश जारी करेंगे।