आरटीओ में दलालों की माया, 40 हजार में बेंच डाले परमिट

नरेश शर्मा/लखनऊ Updated Fri, 25 Oct 2013 02:18 AM IST
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डीजल टैंपो परमिट दिलाने के नाम पर बिचौलियों ने खूब चांदी काटी है।
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कानपुर रोड स्थित संभागीय परिवहन दफ्तर (आरटीओ) के दलालों ने एक-एक परमिट 40-40 हजार रुपये में बेचा है।
इसमें से 25000 रुपये परमिट जारी करने वाले और शेष रकम दलाल की जेब में गई।
परमिट जारी करने के इस खेल में करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे हुए लेकिन परमिट घोटाले की भनक तक उच्च अधिकारियों को न लगी।

इटौंजा के एक कारोबारी ने परमिट की आड़ में हुई घूसखोरी का खुलासा किया। कारोबारी ने बताया कि पत्नी के नाम से डीजल टैंपो का परमिट 40 हजार रुपये देकर मिला है।

गुरुवार को जब बिना गजट 1200 डीजल टैंपो परमिट को मंजूरी दिए जाने का खुलासा हुआ तो कारोबारी ने तत्काल टैंपो खरीदा और मंजूरी पत्र लेकर वह परमिट लेने पहुंचा।

वह तो बाहर टैंपो की रखवाली कर रहा था और दलाल टैंपो का सत्यापन कराकर परमिट जारी कराने की प्रक्रिया में जुटा था। 20 और टैंपो आरटीओ में परमिट के इंतजार में खड़े थे।

आरटीओ के दलालों,कर्मियों एवं अधिकारियों की यह कारस्तानी तब चल रही थी, जब 14 अक्टूबर को जोनल उपायुक्त गंगाफल आरटीओ एपी सिंह को पत्र लिखकर परमिट जारी करने की प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगा चुके थे।

परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने परमिट घोटाला के खुलासे को गंभीरता से लेते हुए जोनल उपायुक्त गंगाफल को मौके पर जांच करने के लिए रवाना किया।

आश्चर्य यह भी कि आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) के अध्यक्ष एवं लखनऊ के कमिश्नर संजीव सरन तक आरटीओ के अध्यक्ष परमिट घोटाले से बेखबर रहे। जबकि परमिट जारी करने का असल अधिकार कमिश्नर को ही है।

परमिट घोटाले पर उच्च स्तरीय जांच बैठी
परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने गुरुवार को डीजल टैंपो के परमिट घोटाले पर जांच बैठा दी है।

उन्होंने ‘अमर उजाला’को बताया कि उच्च अधिकारियों के अनुमोदन के बिना ही डीजल टैंपो के परमिट जारी करने के प्रकरण की उच्च स्तरीय समिति तय समय में जांच करेगी।

इस संबंध में आयुक्त ने जोनल उपायुक्त गंगाफल को निर्देशित किया है।

आत्मदाह करने वाले को जारी होगा परमिट
आयुक्त के निर्देश पर गुरुवार से आरटीओ में परमिट की आड़ में उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है।

जोनल उपायुक्त गंगाफल ने परमिट लिपिक अनिल देव शर्मा एवं आत्मदाह करने का प्रयास करने वाले युवक सबल सिंह के बयान दर्ज किए। अनिल देव को परमिट सेक्शन से हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सबल सिंह को परमिट जारी करने में किस प्वाइंट पर चूक हुई इसकी जांच करने के बाद रिपोर्ट आयुक्त को भेजी जाएगी। वहीं सबल सिंह को सीएनजी ऑटो का परमिट जारी किया जाएगा।
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