फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   People should come together to clean Ganga says UP governor.

'नमामि गंगे' पर राज्यपाल ने किया मोदी सरकार का बचाव

Wed, 02 Sep 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 02 Sep 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
People should come together to clean Ganga says UP governor.

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि गंगा सफाई के लिए शुरू किया गया नमामि गंगे अभियान सामूहिक भागीदारी से ही सफल हो सकता है। गंगा में हर रोज हजारों टन गंदगी फेंकी जाती है। इसे रोकने के लिए जनता को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।

विज्ञापन


नाईक बुधवार को राजभवन में मुंबई की एक मासिक पत्रिका के गंगा विशेषांक के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, देश में 2014 में जनक्रांति हुई। इसी के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और केंद्र में हुए इसी सत्ता परिवर्तन के कारण वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बने।
विज्ञापन


मोदी ने जो प्राथमिकताएं तय कीं, उनमें गंगा की सफाई मुख्य है। इसके लिए उन्होंने नमामि गंगे योजना शुरू की। जिस वक्त ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’ फिल्म बनी थी, तब की तुलना में गंगा और ज्यादा गंदी हो गई है। इसे साफ करने का दायित्व सभी का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सदियों से पवित्रता की प्रतीक गंगा की शुद्धता को बहाल करके ही इसे और सुंदर, निर्मल और अविरल बनाया जा सकता है। गंगा की सफाई के लिए गोमती को भी शुद्ध करना होगा। इसके लिए सभी को संकल्प लेना होगा।

समाज की मानसिकता नहीं बदली, सामूहिक प्रयास नहीं किए गए तो गंगा की सफाई का काम अधूरा रहेगा। इस मौके पर राज्यपाल की पत्नी कुन्दा नाईक, अमोल एन पेडनेकर, वीरेंद्र याज्ञनिक, अजय याज्ञनिक, पल्लवी, अखिलेश चौबे, संजय सिंह, पवन पुत्र बादल, प्रदीप गुप्ता और शतरुद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।

निजी कार से पहुंच गए उन्नाव

People should come together to clean Ganga says UP governor.

राज्यपाल ने बताया कि चार माह पहले उन्नाव में गंगा में सौ-सवा सौ शव बहते हुए देखे जाने की खबर पर उन्हें सहज विश्वास नहीं हुआ था। प्रोटोकॉल के कारण वे पूरे काफिले के साथ निकलते हैं तो लोगों को असुविधा होती है। इसलिए वे किसी के साथ निजी कार से गंगा को देखने पहुंच गए थे। उन्होंने कहा, इस विचार को बदलना पड़ेगा कि गंगा में शव डालने से मुक्ति मिल जाती है। इसके बिना मुक्तिदायिनी की मुक्ति नहीं होगी।

अभी तक 43 जिलों में ही पहुंच सके
राम नाईक ने कहा, राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा था कि राजभवन के दरवाजे लोगों के लिए खुले रहेंगे। 13 महीने में वे 5600 लोगों से मिले हैं। राजभवन में 36 कार्यक्रम किए हैं। बुधवार को पहला कार्यक्रम है जो प्रदेश के बाहर (मुंबई) के लोगों ने यहां आकर किया है। इससे यूपी और महाराष्ट्र के बीच संबंध मजबूत होंगे। उप्र बहुत बड़ा राज्य है। उन्होंने इसे समझने की पूरी कोशिश की लेकिन अभी केवल 43 जिलों तक ही पहुंच पाए हैं।

गंगा भूगोल ही नहीं, संस्कृति और चेतना भी

विधान परिषद में भाजपा के नेता और स्तंभकार हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि गंगा को केवल भौगोलिक दृष्टि से नहीं देखा जा सकता। भारत में गंगा केवल अविरल बहने वाली नदी नहीं है, बल्कि संस्कृति, रीति, काव्य, लोकमन, चेतन और अवचेतन सब कुछ है। गंगा को वाह्य आंखों से नहीं, दर्शन और स्पर्श से समझा जा सकता है। तुलसी, वाल्मीकि, वैदिक साहित्य और ऋग्वेद में गंगा की महत्ता का उल्लेख है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed