28 लोगों को वापस मिले उनके चोरी गए वाहन, चेहरे खिले
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केस एक :
बाराबंकी के कार्तिक विहार निवासी व ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे प्रशांत कुमार अपनी हीरो हांडा स्टनर बाइक देखकर खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। उनकी बाइक 31 दिसंबर 2013 को चारबाग से गायब हो गई थी। उन्होंने हुसैनगंज में एफआईआर की। कोतवाली के चक्कर काटे लेकिन, बाइक का पता नहीं चला। बुधवार को कोतवाली से फोन कर बाइक लेने को बुलाया गया तो यकीन नहीं हुआ। बताया गया कि बाइक बाजारखाला में लावारिस अवस्था में मिली थी।
केस दो :
इटौंजा के भपटामऊ निवासी आंगनबाड़ी शिक्षिका चंद्रावती की स्कूटी चार जुलाई 2015 को ठाकुरगंज के कल्याणी देवी मंदिर के सामने से चोरी हो गई थी। यह स्कूटी राजाजीपुरम में लावारिस खड़ी मिली, जिसे तालकटोरा थाने की पुलिस ले गई थी।
केस तीन :
ठाकुरगंज के रोशनाबाग कॉलोनी निवासी सिलाई-कढ़ाई का काम करने वाले सलीम अख्तर की बाइक आठ अगस्त 2013 की रात घर के बाहर से चोरी हो गई थी। यह बाइक पारा में लावारिस अवस्था में खड़ी पाई गई।
'कोतवाली का चक्कर काटते रहे पर पुलिस टरकाती रही'
केस चार :
स्टेशनरी का काम करने वाले महानगर एच रोड निवासी अजय अवस्थी की बाइक बीती 24 नवंबर को हसनगंज से चोरी हुई थी जो महानगर में लावारिस खड़ी मिली। अजय का कहना है कि वह हसनगंज और महानगर कोतवाली के चक्कर काटते रहे लेकिन, पुलिस टरकाती रही। अगर पुलिस एक बार भी कोतवाली परिसर में खड़े वाहनों की चेकिंग कर लेती तो उनकी बाइक बहुत पहले मिल जाती।
केस पांच :
विजयनगर के अजयदीप की हीरो हांडा स्प्लेंडर बाइक तीन साल पहले कृष्णानगर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी लेकिन, मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में खड़ी पाई गई। मोहनलालगंज पुलिस ने बाइक को लावारिस मानकर रजिस्टर में दाखिल कर लिया। उधर, अजयदीप बाइक के लिए कृष्णानगर थाने से विजयनगर चौकी तक चक्कर लगाते रहे। पुलिसकर्मियों से पूछते तो वह बाइक ढूंढने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते।
एफआईआर लिखाई, महीनों दौड़ते रहे
स्कूटी और बाइक किसी की जरूरत थी तो किसी का जुनून। किसी ने किस्तों में खरीदी तो किसी को पापा ने गिफ्ट की। वाहन जब चोरी हुआ तो सदमा लगा। एफआईआर लिखाई। महीनों दौड़ते रहे। वाहन नहीं मिला तो उम्मीदें टूट गईं। पुलिसवालों से पूछते तो वह फटकार देते।
पुलिस लाइन में अपने वाहन लेने आए लोगों ने कुछ ऐसे ही अपनी भावनाएं बयां कीं। अपने वाहन देखकर किसी की आंखें छलक उठीं तो किसी ने वाहन की हालत देखकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
थानों में कई साल से लावारिस खड़ी बाइक और स्कूटर बृहस्पतिवार दोपहर ‘ऑपरेशन वाहन मिलान’ के तहत उनके मालिकों को वापस सौंप दिए गए। एसएसपी मंजिल सैनी की पहल पर 28 लोगों को उनके वाहन मिले तो चेहरे खिल उठे। लेकिन वाहन मालिकों का कहना था कि पुलिस लावारिस मिले वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर और उसकी नंबर प्लेट पर लिखे नंबरों का मिलान करा लेती तो असली मालिक तक आसानी से पहुंचा जा सकता था। इससे पहले भी चार जुलाई को भी 19 बाइक और स्कूटर उनके मालिकों को लौटाई जा चुकी हैं।
इस तरह मिलीं ये बाइकें
एएसपी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि थानों में खड़े लावारिस वाहनों का ब्यौरा जुटाने पर पता चला कि कई वाहन ऐसे हैं जिनकी चोरी की एफआईआर दर्ज है। यह वाहन चोरी किसी अन्य थाना क्षेत्र से हुए थे और बरामद किसी दूसरे थाना क्षेत्र में हुए।
एसएसपी ने डीसीआरबी से थानों में खड़े लावारिस वाहनों का ब्यौरा मंगाया था। सभी वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर मंगाकर ‘वाहन समन्वय सॉफ्टवेयर’ से मिलान कराया गया तो 28 बाइक व स्कूटर ऐसी निकलीं, जिनकी चोरी की एफआईआर दर्ज थीं।
वाहनों के किसी वारदात में इस्तेमाल करने का शक
पुलिस सूत्रों का कहना है कि वाहन किसी वारदात के इरादे से चोरी किए जाते हैं। अपराध के बाद बदमाश वाहन किसी सुनसान स्थान पर छोड़कर भाग जाते हैं।
चिनहट के विमलनगर निवासी व देवा शरीफ से सभासद रहे महमूद अली ने बताया कि उनकी बाइक बीते वर्ष लोहिया अस्पताल के बाहर से चोरी हो गई थी जो नाका में मिली। बाइक के वाइजर पर सपा पार्षद लिखा था जबकि मिलने पर उसका वाइज़र बदला हुआ था। पीछे की नंबर प्लेट पर किसी ने सपा के बजाए कांग्रेस का तिरंगा निशान बना दिया था।
टंकी खराब हुई तो कोल्डड्रिंक की बोतल का बनाया टैंक
तीन साल से मोहनलालगंज कोतवाली में खड़ी विजयनगर निवासी अजयदीप की बाइक की टंकी खराब हो चुकी थी। वह पुलिस लाइन आए तो अपने साथ दो लीटर की कोल्डड्रिंक की बोतल लाए थे। इस बोतल में पेट्रोल भरा था।
अजयदीप ने बोतल बायें हैंडल पर टांग दी और इसमें लगा पाइप इंजन में पेट्रोल पहुंचाने वाली नोजल से जोड़ दिया। इसके बाद बाइक स्टार्ट कर वह घर पहुंचे। ग्लूकोज की तरह बाइक के इंजन में पेट्रोल पहुंचाते देख लोग उनके पीछे-पीछे लगे रहे।
मोबाइल रिकवरी सेल ने ढूंढे 18 खोए फोन
मोबाइल रिकवरी सेल ने 18 लोगों के खोए हुए फोन ढूंढकर उन्हें लौटा दिए। एएसपी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि अमित कुमार सिंह, रिजवान अहमद, राजीव कुमार सहित चौक के अश्वनी कुमार, आशियाना के असद खान, सिटी स्टेशन रोड के अनस सिद्दीकी, काकोरी के संदीप गौतम, अहियागंज के मुकेश कुमार, इंदिरानगर के राजेंद्र शर्मा, नजरबाग की मोनिका अरोरा, तालाब गगनी शुक्ल के मो. अरशद, शास्त्रीनगर के रमन अग्रवाल, राजाजीपुरम के ओमप्रकाश श्रीवास्तव, अलीगंज के अनिल मिश्रा, गोमतीनगर के शकील अहमद, विश्वासखंड के दीपक खन्ना, बालागंज के नीरज सक्सेना और सीतापुर के दरोगा सियाराम चौरसिया का मोबाइल गुम हो गया था। एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।