कहीं एंबुलेंस बुलाकर घंटों खड़ी रखते हैं मरीज तो कहीं 24 घंटे बाद ही मिल पा रही सुविधा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 18 Sep 2020 04:35 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
कोरोना संक्रमित के लिए बहुत से तीमारदार घर पर एंबुलेंस बुलाते हैं, उन्हें इंतजार कराते हैं और बाद में कहते हैं कि मरीज होम आइसोलेशन में रहेगा। ऐसे एक या दो केस नहीं हैं, बुधवार का ही आंकड़ा लें तो एक दिन में 81 लोगों ने एंबुलेंस घर बुलाकर लौटा दी। औसतन डेढ़ से दो घंटे के इंतजार के बाद एंबुलेंस लौट जाती हैं। ऐसे में एंबुलेंस का वक्त खराब होता है और दूसरे गंभीर मरीजों को वक्त पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। 
विज्ञापन

राजधानी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 35 सामान्य एंबुलेंस, 15 प्राइवेट एंबुलेंस और सात एएलएस लगाई गई हैं। एएलएस अति गंभीर मरीजों को ले जाती है। एक मरीज को घर से लेने और अस्पताल पहुंचाने में औसतन डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है।
हर एंबुलेंस को सात से आठ मरीज शिफ्ट करने की जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन एंबुलेंस महज चार से पांच मरीज अस्पताल शिफ्ट करा पा रही है। वहीं सरकारी व निजी अस्पताल लेकर पहुंचने पर उन्हें अंदर शिफ्ट कराने में भी समय लग रहा है। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

जनता को दिखानी होगी जागरुकता

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X