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आरटीआई को हल्के में लेना पड़ गया भारी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 30 Jul 2013 10:48 PM IST
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आरटीआई के तहत सही जानकारी न देने पर नगर निगम के छह अधिकारियों और जलकल महाप्रबंधक सहित सात पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
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सोमवार को मुख्य जनसूचना आयुक्त ने नगर निगम के 43 मामलों की सुनवाई की थी।
जिनमें से 30 मामले निस्तारित हुए, छह में अगली तारीख लगाई गई और सात मामलों में जुर्माना किया गया।
पहली बार एक साथ इतने अधिकारियों पर कार्रवाई होने से नगर निगम के अधिकारियों में हड़कम्प मच गया है।
जन सूचना आयोग की नई व्यवस्था के तहत अब एक विभाग के मामलों की सुनवाई एक दिन एक साथ की जा रही है।
इसके तहत ही सोमवार को दोपहर बाद नगर निगम उन मामलों की सुनवाई की गई जिनकी सुनवाई की तारीख आयोग में 29 जुलाई से 16 अगस्त के बीच लगी थी।
ऐसे 43 मामले थे। नगर निगम की ओर से सुनवाई के दौरान वहां के जनसूचना अधिकारी पीके श्रीवास्तव उपस्थित हुए थे।
जिनको जनसूचना आयुक्त ने आवेदकों को जवाब न उपलब्ध कराने पर फटकार भी लगाई।
मुख्य जनसचूना आयुक्त रणधीर सिंह पंकज ने बताया कि आरटीआई के तहत आवेदकों को जानकारी न देने और सही जानकारी न देने पर अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है।
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