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अपराधियों ने जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं का इस्तेमाल किया तो अब खैर नहीं, बढ़ी सजा व जुर्माना
Thu, 05 Sep 2019 10:45 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 05 Sep 2019 10:45 AM IST
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जिला कारागार रायबरेली
- फोटो : amar ujala
जेल में अब किसी अपराधी के पास कोई प्रतिबंधित वस्तु बरामद होती है तो उस पर 200 रुपये के स्थान पर अब 25 हजार रुपये यानी सवा सौ गुना अधिक जुर्माना लगेगा और तीन साल की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
सरकार सवा सौ साल बाद प्रिजन एक्ट 1894 की धारा 42 और 43 में संशोधन करने जा रही है। इस एक्ट के तहत पहले छह माह की सजा या अधिकतम 200 रुपये जुर्माना था। जिसे बढ़ाकर तीन साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है ।
इस संबंध में डीजी कारागार आनंद कुमार के प्रस्ताव पर कारागार प्रशासन ने न्याय विभाग से परामर्श लेने के बाद अपनी सहमति दे दी है। अब जल्द ही कैबिनेट में लाकर इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।
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सरकार सवा सौ साल बाद प्रिजन एक्ट 1894 की धारा 42 और 43 में संशोधन करने जा रही है। इस एक्ट के तहत पहले छह माह की सजा या अधिकतम 200 रुपये जुर्माना था। जिसे बढ़ाकर तीन साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है ।
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इस संबंध में डीजी कारागार आनंद कुमार के प्रस्ताव पर कारागार प्रशासन ने न्याय विभाग से परामर्श लेने के बाद अपनी सहमति दे दी है। अब जल्द ही कैबिनेट में लाकर इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।
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दर असल पिछले दिनों जेलों में फोन के इस्तेमाल और लगातार जेल के अंदर से वायरल हो रहे वीडियो से सरकार और जेल महकमे की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा था। मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित वस्तु मिलने पर सजा के लचर प्राविधानों का फायदा उठाकर अपराधी बार बार जेलों में मोबाइल का इस्तेमाल करने का प्रयास करते थे। लेकिन अब जेल के अंदर किसी कैदी के पास मोबाइल मिलने पर 3 साल की अतिरिक्त जेल और 25 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।
इतना ही नहीं जेल के अंदर फोन का इस्तेमाल करते हुए जेल के बाहर किसी घटना को अंजाम दिलाने पर जुर्माने की राशि बढ़कर 50 हजार रुपये हो जाएगी और जेल से बाहर कारित अपराध की सजा अतिरिक्त होगी।
मसलन जेल से फोन कर किसी फिरौती मांगी गई तो इसके लिए फिरौती की जो सजा होगी वह अलग और तीन साल की सजा जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की और 50 हजार रुपये जुर्माना अलग से जमा करना होगा। इतना ही नहीं अगर जेल के किसी कर्मी द्वारा मोबाइल उपलब्ध कराया जाता है तो वह भी तीन साल की सजा काटेगा और 25 हजार रुपये के जुर्माना भरेगा।
पहचान छिपाकर कैदी से मिलने पर भी तीन साल की सजा
आनंद कुमार ने बताया कि कई बार अपनी पहचान छिपाते हुए गलत आईडी का इस्तेमाल कर कुछ लोग जेल में बंद अपराधियों या अन्य कैदियों से मिलते हैं। ऐसे लोगों के पकड़े जाने पर भी तीन साल की सजा का प्राविधान किया जा रहा है।
इतना ही नहीं जेल के अंदर फोन का इस्तेमाल करते हुए जेल के बाहर किसी घटना को अंजाम दिलाने पर जुर्माने की राशि बढ़कर 50 हजार रुपये हो जाएगी और जेल से बाहर कारित अपराध की सजा अतिरिक्त होगी।
मसलन जेल से फोन कर किसी फिरौती मांगी गई तो इसके लिए फिरौती की जो सजा होगी वह अलग और तीन साल की सजा जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की और 50 हजार रुपये जुर्माना अलग से जमा करना होगा। इतना ही नहीं अगर जेल के किसी कर्मी द्वारा मोबाइल उपलब्ध कराया जाता है तो वह भी तीन साल की सजा काटेगा और 25 हजार रुपये के जुर्माना भरेगा।
पहचान छिपाकर कैदी से मिलने पर भी तीन साल की सजा
आनंद कुमार ने बताया कि कई बार अपनी पहचान छिपाते हुए गलत आईडी का इस्तेमाल कर कुछ लोग जेल में बंद अपराधियों या अन्य कैदियों से मिलते हैं। ऐसे लोगों के पकड़े जाने पर भी तीन साल की सजा का प्राविधान किया जा रहा है।