जानिए कितनी-कितनी देरी पर मिलेगी लखनऊ में मेट्रो?
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लखनऊ में हर साढ़े चार मिनट पर यात्रियों को मेट्रो मिलेगी। पूर्व में जो हेड-वे (दो ट्रेनों के बीच का अंतराल) 14 मिनट तक का था जिसे लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने कम कर दिया है।
14 मिनट तक कोई यात्री अगली ट्रेन का इंतजार करेगा, ये प्रैक्टिकल नहीं लग रहा था। इसके अलावा एक और खुशखबरी एलएमआरसी की ओर से दी गई है कि रेलवे ने मवइया पर बनाए जा रहे स्पेशल स्पैन के काम को हरी झंडी दे दी है।
इसमें पूर्व में डीपीआर के मुताबिक शार्प कर्व लेकर जो ट्रैक बनाया जाना था,उसी हिसाब से काम होगा। रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आरएस अग्रवाल के दौरे के बाद यह फैसला हो गया है।
पीआईबी अनुमोदन के बाद एलएमआरसी की बुधवार को हुई पहली साप्ताहिक मीडिया बीफ्रिंग में कई सकारात्मक जानकारी प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि यूरोपियन यूनियन बैंक से ऋण का मसला और रोलिंग स्टॉक (बोगी और सिग्नलिंग सिस्टम) का टेंडर भी जल्द ही क्लीयर हो जाएगा।
यूरोपियन यूनियन बैंक इस सप्ताह के बाद ऋण और टेंडर अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू कर देगा। इन दिनों पूरे यूरोप में छुट्टी चल रही है। इसलिए काम बंद हैं। अगस्त के आखिर तक रोलिंग स्टॉक के टेंडर को लेकर कंपनी भी तय हो जाएगी।
बोगिया होगी कम,ट्रेनों की संख्या ज्यादा
रेलवे की मवइया को लेकर हरी झंडी मिलने के बाद स्पेशल स्पैन का काम भी शुरू कर दिया गया है। रेलवे ने यहां एलएमआरसी के नये प्लान की जगह डीएमआरसी के पुराने प्लान को हरी झंडी दी है।
पुराने प्लान के मुताबिक स्पेशल स्पैन को आरपीएफ लाइन के पास से गुजरना था। मगर नये प्लान में ऐसा नहीं होगा। इससे रेलवे की जमीन बचेगी। मगर मेट्रो की रफ्तार शार्प कर्व की वजह से कुछ कम हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि,चार बोगी की ट्रेन शुरुआत में इसलिए रखी गई है कि कम बोगी में ही अधिक ट्रेनें हों। ताकि कम समय में ही यात्रियों को गाड़ी मिल जाए।
पहले ये समय सात से 14 मिनट के बीच था। मगर धीरे धीरे इस समय को घटाने की कोशिश पर काम किया गया। अब ये साढे़ चार मिनट का होगा। भीड़ बढ़ेगी तब चार की जगह छह बोगी की ट्रेन चलाना शुरू कर देंगे।