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परिवहन निगम की बसों के हादसे बढ़े, मृतकों की तादाद में इजाफा
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परिवहन निगम में साल-दर-साल बढ़ रहीं दुर्घटनाएं
लखनऊ। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम में साल-दर-साल बस दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इन हादसों में मरने वाले यात्रियों को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता भी दी जा चुकी है। परिवहन निगम के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2013 के मुकाबले वर्ष 2018 में बस दुर्घटनाओं में 141 अधिक यात्रियों की मौतें हो चुकी हैं। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने बढ़ते हादसों पर क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी है कि कारण बताएं।
स्पीड गवर्नर सही या खराब नहीं मालूम
परिवहन निगम के बेड़े मेें जो एसी बसें वर्ष 2016 के बाद शामिल हुईं, उनमें चालक की स्पीड पर अंकुश लगाने के लिए स्पीड गवर्नर को लगाया गया है। यह डिवाइस इंजन में फिट है, जो 80 किमी. से अधिक की स्पीड पर ईंधन की सप्लाई को बंद कर देता है। लेकिन एसी बसों के स्पीड गवर्नर डिवाइस सही है या खराब उच्च अफसरों को नहीं मालूम।
17 बार मांगी रिपोर्ट, नहीं भेजी
मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) जयदीप वर्मा ने प्रदेशभर के सेवा प्रबंधकों को 17 बार पत्र भेज कर स्पीड गवर्नर की जांच रिपोर्ट मांगी, लेकिन किसी ने रिपोर्ट नहीं भेजी।
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वित्तीय वर्ष दुर्घटनाएं मृतक यात्री
2013-14 777 451
2014-15 738 392
2015-16 630 409
2016-17 644 403
2017-18 732 468
2018-19 754 483
दुर्घटनाएं कम करने की कोशिश
यह सही है कि दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन इन पर अंकुश लगाने की कोशिश चल रही है। समय-समय पर चालकों की आंखों की जांच, सड़क सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन हो रहा है।
राजेश कुमार वर्मा, मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) परिवहन निगम
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परिवहन निगम में साल-दर-साल बढ़ रहीं दुर्घटनाएं
लखनऊ। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम में साल-दर-साल बस दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इन हादसों में मरने वाले यात्रियों को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता भी दी जा चुकी है। परिवहन निगम के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2013 के मुकाबले वर्ष 2018 में बस दुर्घटनाओं में 141 अधिक यात्रियों की मौतें हो चुकी हैं। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने बढ़ते हादसों पर क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी है कि कारण बताएं।
स्पीड गवर्नर सही या खराब नहीं मालूम
परिवहन निगम के बेड़े मेें जो एसी बसें वर्ष 2016 के बाद शामिल हुईं, उनमें चालक की स्पीड पर अंकुश लगाने के लिए स्पीड गवर्नर को लगाया गया है। यह डिवाइस इंजन में फिट है, जो 80 किमी. से अधिक की स्पीड पर ईंधन की सप्लाई को बंद कर देता है। लेकिन एसी बसों के स्पीड गवर्नर डिवाइस सही है या खराब उच्च अफसरों को नहीं मालूम।
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17 बार मांगी रिपोर्ट, नहीं भेजी
मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) जयदीप वर्मा ने प्रदेशभर के सेवा प्रबंधकों को 17 बार पत्र भेज कर स्पीड गवर्नर की जांच रिपोर्ट मांगी, लेकिन किसी ने रिपोर्ट नहीं भेजी।
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वित्तीय वर्ष दुर्घटनाएं मृतक यात्री
2013-14 777 451
2014-15 738 392
2015-16 630 409
2016-17 644 403
2017-18 732 468
2018-19 754 483
दुर्घटनाएं कम करने की कोशिश
यह सही है कि दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन इन पर अंकुश लगाने की कोशिश चल रही है। समय-समय पर चालकों की आंखों की जांच, सड़क सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन हो रहा है।
राजेश कुमार वर्मा, मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) परिवहन निगम