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मां-पिता से संपत्ति लेने के बाद की उपेक्षा तो होंगे बेदखल

Fri, 02 Oct 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 02 Oct 2015 02:21 AM IST
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Parents can evict their children from property.

माता पिता अपनी संपत्ति की अगर अपने बच्चों के नाम पर रजिस्ट्री करवा चुके हैं और उसके बाद बच्चे उनकी उपेक्षा करने लगे हैं, तो ऐसे माता-पिता उन बच्चों से संपत्ति वापस ले सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगी।

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प्रदेश के समाज कल्याण विभाग प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने गुरुवार को लखनऊ में विश्व वृद्धजन दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। हेल्पेज इंडिया की ओर से कार्यक्रम गोमतीनगर में अंबेडकर पार्क स्थित सामाजिक सहकारिता भवन में आयोजित किया गया था।
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सुनील कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम 2007 के लिए फरवरी 2014 में ही नियमावली जारी कर दी गई थी। हालांकि इसे धरातल पर लागू होने में अभी कुछ समय और लग सकता है। उन्होंने बताया कि इस नियमावली को सख्ती से लागू करने के लिए समाज कल्याण विभाग कमर कस चुका है।
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दूसरी ओर उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि अधिनियम और नियमावली को लेकर अभी जागरुकता की कमी है, जिसे बढ़ाना होगा। दूसरी ओर उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सुलह अधिकारी नियुक्त करने के लिए जिलाधिकारियों को नामों की संस्तुति की जानी है। ये सुलह अधिकारी बुजुर्गों को परिवार में होने वाले अन्याय से बचाने के लिए काउंसलिंग देंगे।

बुजुर्गों की मदद के लिए कानून सेल बनाएं

Parents can evict their children from property.

उन्होंने सिविल सोसाइटी से अपील की कि वे जिलाधिकारियों को सही व्यक्ति के नाम की संस्तुतियां करें। इस हेल्पेज इंडिया यूपी के अधिकारी एके सिंह ने इस मौके पर वरिष्ठ नागरिक महासमिति से निवेदन किया कि वे बुजुर्गों के मामलों में कानून मदद के लिए सेल बनाएं।

साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आज युवाओं का प्रदेश कहा जा रहा है, लेकिन यही युवा कल बूढ़े भी होंगे और उनके लिए सही इंतजाम करने की जरूरत है। कार्यक्रम में हैल्पऐज द्वारा बड़ी संख्या में बुजुर्गों का सम्मान भी किया गया। वहीं विभिन्न अतिथियों का अभिनंदन किया गया।

बुजुर्गों के लिए अलग बनें लाइन
केजीएमयू के जिरियाट्रिक मेंटल हेल्थ विभागाध्यक्ष डॉ. एससी तिवारी ने बताया कि प्रदेश में 20 नए वृद्धाश्रम बनाए जा रहे हैं, इसमें वे खुद भी प्रदेश सरकार को सुझाव दे रहे हैं। वह चिंतित हैं कि इन वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाएं देने केलिए प्रावधान नहीं किए जा रहे हैं।

सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा। वहीं उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में बुजुर्गों के लिए अलग से लाइन लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस काम में खुद समाज को भी सोचना होगा, अगर युवा अपने पीछे लाइन में किसी बुजुर्ग को लगा देखें तो उन्हें अपने से आगे कर दें। आज हम परिपाटी शुरू करेंगे तो जब आज के युवा बुजुर्ग होंगे तो उन्हें बेहतर समाज मिलेगा।

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