एकेटीयू: बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगे पेपर, ओएमआर शीट पर होंगी परीक्षाएं
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इसके परिणाम दो से तीन हफ्तेे में जारी कर दिए जाएंगे। अंतिम सेमेस्टर का मूल्यांकन यूजीसी की 6 जुलाई को जारी गाइडलाइन के मुताबिक किया जाएगा। यह प्रक्रिया 30 सितंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी। यह निर्णय विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में विद्या परिषद की बैठक में लिया गया।
बैठक में एकेटीयू से संबद्ध संस्थानों को सम सेमेस्टर थ्योरी और प्रोजेक्ट व प्रायोगिक विषयों की आंतरिक मूल्यांकन को ऑनलाइन मोड के जरिये पूरा करने के लिए कहा गया है। आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को विवि पोर्टल पर अपलोड करना होगा। वहीं, अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए प्रोजेक्ट व थीसिस की मौखिक परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से कराया जाएगा।
इसे लिखित परीक्षाएं शुरू होने से पहले पूरा करा लिया जाएगा। अगर कोई विद्यार्थी किसी कारणवश वाइवा के अंतिम मूल्यांकन में भाग नहीं ले पाता है तो संस्थान ऐसे विद्यार्थियों के संबंध में विवि को सूचित कर उसे वाइवा के लिए एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगा। इसके बावजूद अगर कोई वाइवा देने से वंचित हो जाता है तो ऐसे छात्रों के प्रोजेक्ट वाइवा का मूल्यांकन संस्थान खुलने के तुरंत बाद कराया जाएगा।
अंतिम वर्ष को छोड़कर अन्य की कैरीओवर परीक्षाएं बाद में होंगी
विवि इन छात्रों का परिणाम तब तक रोके रखेगा, जब तक संस्थान द्वारा उनका मूल्यांकन और वाइवा के अंक नहीं दिए जाते हैं। एमटेक, एमफार्मा व एमआर्क के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंतिम शोध प्रबंध परीक्षा का आयोजन विवि के एकेडमिक कार्यक्रम के अनुसार ही ऑनलाइन कराया जाएगा।
बैठक में आईआईटी कानपुर के उप निदेशक पद्मश्री प्रो. मनींद्र अग्रवाल, आईआईटी रुड़की के प्रो. सुनील बाजपेई, एकेटीयू के प्रतिकुलपति प्रो. विनीत कंसल, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार, अपर परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनुराग त्रिपाठी, डीन यूजी प्रो. सुबोध वैरिय, सीएएस के निदेशक प्रो. मनीष गौड़, आईईटी के निदेशक प्रो. एचके पालीवाल और एफओए की डीन प्रो. वंदना सहगल मौजूद रहीं।
गैर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के इवन सेमेस्टर का मूल्यांकन यूजीसी के 29 अप्रैल को जारी गाइडलाइन के मुताबिक कराकर उन्हें अगले शैक्षणिक सत्र में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। जबकि सभी मध्यवर्ती वर्ष, गैर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के कैरीओवर विषयों की परीक्षाएं संस्थान खुलने के बाद होंगी। जिन विद्यार्थियों के पिछले सेमेस्टर/वर्ष के विषयों में कोई कैरीओवर है। उनके अंतिम परिणाम को रोककर रखा जाएगा और कैरीओवर पेपर के परिणाम घोषित होने के बाद अद्यतन ग्रेड की गणना की जाएगी और परिणाम जारी किया जाएगा।
परीक्षा देने और ग्रेड सुधार का भी मौका
प्रो. पाठक ने बताया कि अंतिम वर्ष का कोई विद्यार्थी किसी कारणवश परीक्षा में भाग नहीं ले पाता है तो विवि उनके लिए समयानुसार विशेष परीक्षा का आयोजन करेगा। अगर कोई विद्यार्थी अपना ग्रेड सुधारना चाहता है, उसे अगले शैक्षणिक में इसके लिए एक अतिरिक्त मौका दिया जाएगा।
विद्यार्थी अगले शैक्षणिक वर्ष के अंत में आयोजित होने वाली एंड सेमेस्टर की परीक्षा में उस विषय की परीक्षा दे सकता है। ऐसे सभी प्रकरणों के लिए मूल्यांकन के बाद प्राप्त अंक और तदनुसार ग्रेड प्रदान किए जाएंगे। विद्यार्थी को एक अद्यतन ग्रेडशीट जारी की जाएगी। इसको कैरीपेपर के रूप में नहीं माना जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी को अगले शैक्षणिक वर्ष में केवल एक मौका दिया जाएगा।
पीजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी भी प्रमोट होंगे
बैठक में सहमति बनी कि एमटेक, एमफार्मा और एमआर्क के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया जाएगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी विद्यार्थी को उपस्थिति के आधार पर अंतिम मूल्यांकन में रोका नहीं जाएगा।