होली के बाद बदलेगी बुंदेलखंड की हालत, होगा बड़ा ऐलान
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि बुंदेलखंड के बांदा व महोबा जिले में राहत पैकेट का वितरण होली के बाद किया जाएगा। इसका शुभारंभ खुद मुख्यमंत्री वहां जाकर करेंगे।
उन्होंने 3500 हैंडपंपों की रिबोरिंग कराने और 440 टैंकरों से जलापूर्ति करने के निर्देश दिए। कहा कि पेजयल के लिए किसी भी गांव में लोगों को लाइन लगानी पड़ी तो अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आलोक रंजन बृहस्पतिवार को योजना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बुंदेलखंड के मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के बारे में आवश्यक निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा, वहां सूखे को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए टैंकरों का सहारा लिया जाए। हैंडपंपों की रिबोरिंग का काम समय से पूरा करने के लिए एक्शन प्लान बनाकर उस पर अमल हो।
मुख्य सचिव ने कहा, बांदा एवं महोबा जिलों में मार्च के अंतिम सप्ताह यानी होली के बाद राहत पैकेट का वितरण योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री से होना संभावित है।
मनरेगा के लिए भी अलग से निर्देश
लाभार्थियों को राहत पैकेट (अनाज) अपने घर तक ले जाने की सुविधा जिला प्रशासन उपलब्ध कराएगा। राहत पैकेट के पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता के साथ स्थानीय स्तर पर समय से सुनिश्चित करा लिया जाए।
मनरेगा के तहत हर जिले में 20 हजार से अधिक श्रमिकों को प्रत्येक कार्य दिवस में काम देने के अतिरिक्त आवश्यकता के अनुसार अन्य श्रमिकों को भी काम दिया जाए।
भुखमरी से मौत हुई तो डीएम जिम्मेदार
मुख्य सचिव ने कहा, डीएम यह सुनिश्चित करें कि भुखमरी से किसी की मृत्यु न होने पाए। ऐसा होने पर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय दंडित किया जाएगा। बुंदेलखंड क्षेत्र को समाजवादी पेंशन योजना से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों को 2 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं तथा 3 रुपये की दर से चावल का वितरण राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में कराया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने न पाए।