केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में थम गई मरीजों की सांसें
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केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में शनिवार सुबह 6.30 बजे अचानक ऑक्सीजन आपूर्ति ठप होने से वार्डों में हड़कंप मच गया। अचानक ऑक्सीजन आपूर्ति बंद होने से मरीजों को दिक्कत होने लगी।
जैसे ही परिवारीजनों ने देखा कि उनके मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ को सूचना दी। दस मिनट बाद ऑक्सीजन आपूर्ति बहाल हो गई।
केजीएमयू में भर्ती मरीज एक बार फिर ऑक्सीजन के संकट में फंस गये। सुबह 6.30 बजे अचानक ट्रॉमा सेंटर में आपूर्ति ठप हो गई।
अचानक आयी इस दिक्कत के बाद परिवारीजनों ने स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद आनन-फानन में ऑक्सीजन प्लांट के लोगों को फोन कर आपूर्ति में दिक्कत की जानकारी दी गई।
प्लांट में सिलेंडर की स्थिति चेक की गई तो पता चला कि ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में है। इसके बाद सप्लाई सिस्टम को चेक किया गया। बताया जा रहा है वाल्व में किसी दिक्कत के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई थी।
राजभवन ने मांगी किडनी ट्रांसप्लांट की रिपोर्ट
जिसे तुरंत ही ठीक कर लिया गया। लेकिन 10 से 15 में आपूर्ति बहाल हो गई। हालांकि ट्रॉमा वेंटीलेटर यूनिट और न्यूरो सर्जरी आईसीयू में मरीजों को सिलेंडर से ऑक्सीजन बैकअप देकर मरीजों को जान बचायी गई।
इस बारे में सीएमएस डॉ. एससी तिवारी और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. एसएन शंखवार का कहना है कि इस तरह की किसी घटना की जानकारी उन्हें नहीं है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
राजभवन से केजीएमयू में हुए पहले किडनी ट्रांसप्लांट की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी गई है। संस्थान की इस उपलब्धि से राज्यपाल राम नाईक भी अभिभूत हैं।
उन्होंने ट्रांसप्लांट से संबंधित जानकारी मांगी है। इससे केजीएमयू प्रशासनभविष्य में ट्रांसप्लांट कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के भविष्य को लेकर उत्साहित है।