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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Order to take decision on the release of Keshav Prasad in six weeks, is in jail for 46 years

Lucknow News : केशव प्रसाद की रिहाई पर छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश, 46 साल से जेल में है निरुद्ध

Fri, 02 Sep 2022 12:15 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 02 Sep 2022 12:15 PM IST
सार

सीतापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में वर्ष 1974 में हुई हत्या के एक मामले में याची को सत्र न्यायालय ने 18 दिसंबर 1976 को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। याची ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी लेकिन दो सितंबर 1988 को उसकी अपील खारिज कर दी गई।

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Order to take decision on the release of Keshav Prasad in six weeks, is in jail for 46 years
लखनऊ हाईकोर्ट

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सीतापुर जिले में हुई हत्या के मामले में 46 सालों से जेल में निरुद्ध 81 वर्षीय केशव प्रसाद की रिहाई पर छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। मामले में अभिलेखों के न मिलने के कारण अब तक बंदी की रिहाई पर विचार नहीं हो पाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रेनू अग्रवाल की खंडपीठ ने वर्तमान में बरेली जेल में निरुद्ध केशव प्रसाद की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। 

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गौरतलब है कि सीतापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में वर्ष 1974 में हुई हत्या के एक मामले में याची को सत्र न्यायालय ने 18 दिसंबर 1976 को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। याची ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी लेकिन दो सितंबर 1988 को उसकी अपील खारिज कर दी गई।
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याची के वकील ने कोर्ट के सामने दावा किया कि दोषसिद्धि की तिथि से ही याची जेल में है। मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद यह तथ्य सामने आया कि 22 जनवरी 2001 को याची को सीतापुर जेल से बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। बरेली जेल प्रशासन का कहना है कि वर्षों पहले जेल में हुए अग्निकांड में तमाम अभिलेख नष्ट हो गए थे। इसी घटना में याची के अभिलेख भी नष्ट हो गए। उधर हाईकोर्ट में भी याची से संबंधित पत्रावलियों का पता नहीं चल सका है।

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