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रजिस्ट्री होते ही दाखिल खारिज की शुरू हो जाएगी ऑनलाइन कार्यवाही
Sat, 28 Nov 2020 01:58 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 28 Nov 2020 01:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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बैनामेदार को संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के बाद दाखिल खारिज व नामांतरण के लिए अब तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। राजस्व परिषद ने नामांतरण वाद व दाखिल खारिज प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए संपत्ति की रजिस्ट्री होने के साथ ही इसकी कार्यवाही ऑनलाइन करने की व्यवस्था कर दी है। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को इस तरह दर्ज ऑनलाइन नामांतरण वादों व दाखिल खारिज वादों का तय समय सीमा में निस्तारण कराने का निर्देश दिया है।
वर्तमान में बैनामेदार को संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के बाद दाखिल खारिज व नामांतरण के लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसलिए इसमें में काफी समय लगता है। वहीं, तहसील के अफसर दौड़ाते रहते हैं। अब रजिस्ट्री से दाखिल खारिज व नामांतरण तक की पूरी कार्यवाही साथ-साथ ऑनलाइन होगी।
नई व्यवस्था के अनुसार निबंधन कार्यालय व संबंधित पीठासीन अधिकारी के न्यायालय को लिंक कर राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) को अपडेट कर दिया गया है। इससे निबंधन कार्यालय द्वारा रजिस्ट्री के समय ही संबंधित पक्षों से नामांतरण व दाखिल खारिज के लिए प्रार्थना पत्र/शपथ पत्र प्राप्त कर आरसीसीएमएस प्रणाली पर ऑनलाइन अग्रसारित किया जाएगा। इससे नामांतरण वाद स्वत: दायर हो जाएगा। इसके अलावा आवेदनकर्ता द्वारा नामांतरण, दाखिल खारिज के संबंध में ऑनलाइन आवेदन करने की दशा में भी नामांतरण व दाखिल खारिज वाद स्वत: दायर हो जाएगा।
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वर्तमान में बैनामेदार को संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के बाद दाखिल खारिज व नामांतरण के लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसलिए इसमें में काफी समय लगता है। वहीं, तहसील के अफसर दौड़ाते रहते हैं। अब रजिस्ट्री से दाखिल खारिज व नामांतरण तक की पूरी कार्यवाही साथ-साथ ऑनलाइन होगी।
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नई व्यवस्था के अनुसार निबंधन कार्यालय व संबंधित पीठासीन अधिकारी के न्यायालय को लिंक कर राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) को अपडेट कर दिया गया है। इससे निबंधन कार्यालय द्वारा रजिस्ट्री के समय ही संबंधित पक्षों से नामांतरण व दाखिल खारिज के लिए प्रार्थना पत्र/शपथ पत्र प्राप्त कर आरसीसीएमएस प्रणाली पर ऑनलाइन अग्रसारित किया जाएगा। इससे नामांतरण वाद स्वत: दायर हो जाएगा। इसके अलावा आवेदनकर्ता द्वारा नामांतरण, दाखिल खारिज के संबंध में ऑनलाइन आवेदन करने की दशा में भी नामांतरण व दाखिल खारिज वाद स्वत: दायर हो जाएगा।
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