{"_id":"5f96a80d577ff03146731421","slug":"online-fraud-and-cyber-crime-are-increasing-in-uttar-pradesh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बढ़ रहे कम्प्यूटर और ई-मेल हैक कर फिरौती मांगने के मामले, दो साल में दोगुने से अधिक दर्ज हुए केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बढ़ रहे कम्प्यूटर और ई-मेल हैक कर फिरौती मांगने के मामले, दो साल में दोगुने से अधिक दर्ज हुए केस
Mon, 26 Oct 2020 04:12 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, लखनऊ
सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 26 Oct 2020 04:12 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समय के साथ-साथ प्रदेश में अपराध का तरीका भी बदल रहा है। ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराध के मामलों में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। बीते साल प्रदेश में 11 हजार से अधिक मामले साइबर क्राइम के दर्ज किए गए। बीते एक साल में कम्प्यूटर और ई-मेल हैक कर बड़ी फिरौती की मांग की गई।
विज्ञापन
किसी ने डॉलर में पैसे मांगे और किसी ने बिटक्वाइन में फिरौती मांगी। मामला पुलिस तक पहुंचा जरूर लेकिन ऐसे मामलों का पुलिस खुलासा अब तक नहीं कर सकी। हाल के दिनों का सबसे बड़ी फिरौती नोएडा में हल्दीराम ग्रुप का सिस्टम हैक कर मांगी गई। साइबर हैकर ने डाटा वापस करने के लिए साढ़े सात लाख डॉलर की मांग की।
विज्ञापन
हल्दीराम की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। ग्रुप ने फिरौती देने से बेहतर अपने सभी कंप्यूटर को ही बदल दिया। जो फिरौती मांगी गई थी उसे रुपये में बदलने पर साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की थी। इसी तरह आगरा में एक फुटवियर कंपनी का ई-मेल हैक कर 1000 डॉलर की मांग की गई वहीं आगरा में ही एक ऑटो शो रूम का सिस्टम हैक कर डाटा वापस करने के लिए 20 बिटक्वाइन की मांग की गई।
विज्ञापन
एक बिटक्वाइन की कीमत इन दिनों 9.37 लाख रुपये है। यानी पौने दो करोड़ रुपये से अधिक की मांग की गई। इसी तरह गाजियाबाद में भी एक व्यक्ति का ई-मेल हैक कर उसके सारा महत्वपूर्ण डाटा गायब कर दिया गया। डाटा रिकवर करने के लिए पैसों की मांग की गई।
अनजान लिंक पर न करें क्लिक
एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार बताते हैं कि इस तरह के मामले हाल के दिनों में बढ़े हैं। उनका कहना है कि साइबर हैकर रैंसमवेयर वायरस के जरिए किसी कम्प्यूटर तक अपनी पहुंच बनाते हैं और फिर कम्प्यूटर का डाटा उड़ा देते हैं। फिर डाटा वापस करने के लिए फिरौती मांगी जाती है। राम कुमार का कहना है कि ऐसे किसी लिंक को क्लिक नहीं करना चाहिए जिसके बारे में जानकारी न हो। कई बार हैकर लॉटरी का झांसा देकर इस तरह के वायरस भेजते हैं जिससे पूरा कंप्यूटर हैक हो जाता है।
तीन सालों में ऐसे बढ़े यूपी में साइबर क्राइम के मामले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर गौर करें तो 2017 और 2018 के मुकाबले 2019 में साइबर क्राइम के मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है। 2017 में कुल 4971 मामले साइबर क्राइम के दर्ज किए गए थे। 2018 में यह संख्या बढ़कर 6280 हो गई। 2019 में लगभग दो गुना मामले साइबर क्राइम के बढ़ गए। 2019 में कुल 11416 मामले दर्ज किए गए।
साइबर क्राइम नियंत्रण के लिए अब हर रेंज में साइबर थाना
प्रदेश सरकार ने साइबर क्राइम के मामलों से निपटने के लिए हर रेंज में साइबर थाने खोले हैं। पहले प्रदेश में केवल दो ही साइबर थाने लखनऊ और नोएडा में थे। इस साल के शुरुआत में प्रदेश के 16 रेंज मुख्यालय पर नए साइबर थाने खोले गए। अब इन थानों पर एफआईआर भी दर्ज होने लगी है। इतना ही नहीं पिछले साल शासन ने पुलिस में साइबर क्राइम की अलग से विंग बनाई है। इसमें एडीजी से लेकर इंस्पेक्टर तक के अधिकारियों को तैनात किया गया है।
तीन सालों में ऐसे बढ़े यूपी में साइबर क्राइम के मामले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर गौर करें तो 2017 और 2018 के मुकाबले 2019 में साइबर क्राइम के मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है। 2017 में कुल 4971 मामले साइबर क्राइम के दर्ज किए गए थे। 2018 में यह संख्या बढ़कर 6280 हो गई। 2019 में लगभग दो गुना मामले साइबर क्राइम के बढ़ गए। 2019 में कुल 11416 मामले दर्ज किए गए।
साइबर क्राइम नियंत्रण के लिए अब हर रेंज में साइबर थाना
प्रदेश सरकार ने साइबर क्राइम के मामलों से निपटने के लिए हर रेंज में साइबर थाने खोले हैं। पहले प्रदेश में केवल दो ही साइबर थाने लखनऊ और नोएडा में थे। इस साल के शुरुआत में प्रदेश के 16 रेंज मुख्यालय पर नए साइबर थाने खोले गए। अब इन थानों पर एफआईआर भी दर्ज होने लगी है। इतना ही नहीं पिछले साल शासन ने पुलिस में साइबर क्राइम की अलग से विंग बनाई है। इसमें एडीजी से लेकर इंस्पेक्टर तक के अधिकारियों को तैनात किया गया है।