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Lucknow News: केजीएमयू में ऑनलाइन फीस जमा करने की व्यवस्था ध्वस्त
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केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कड़ी मशक्कत के बाद शुरू हुई ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। मरीजों को फिर से विभिन्न शुल्क नकद जमा करने पड़ रहे हैं। इससे मरीज और तीमारदारों के साथ ही कर्मचारियों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
केजीएमयू में करीब साढ़े चार हजार बेड हैं। रोजाना यहां सात से आठ हजार मरीज ओपीडी में और चार सौ के करीब ट्रॉमा सेंटर में आते हैं। इन्हें परचा बनवाने से लेकर विभिन्न जांच का शुल्क जमा करना होता है। इसमें नकद भुगतान की अनिवार्यता होने से मरीज और तीमारदारों को काफी समस्या होती है।
इस साल की शुरुआत में केजीएमयू प्रशासन ने कुछ काउंटरों पर ऑनलाइन शुल्क भुगतान की सुविधा शुरू की थी। दावा था कि धीरे-धीरे बाकी काउंटर पर भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी, मगर सभी काउंटर पर यह सुविधा शुरू होने के बजाय चुनिंदा काउंटर पर भी ऑनलाइन भुगतान बंद हो गया है। इस समय ऑपरेशन से लेकर जांच तक का शुल्क नकद जमा करना पड़ रहा है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, ऑनलाइन व्यवस्था में क्या समस्या हुई है, इसकी जानकारी मांगी गई है। जल्द ही इसे दुरुस्त कराया जाएगा।
टोकन ऑनलाइन, पर भुगतान ऑफलाइन
केजीएमयू में आभा एप के साथ ही ओपीडी पंजीकरण के लिए भी ऑनलाइन विकल्प मौजूद है। इसके अलावा भी कई काम ऑनलाइन होते हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा ऑफलाइन ही है। यह समस्या उन मरीजों के मामले में और भी गंभीर हो जाती है, जिनके ऑपरेशन के लिए लाख-दो लाख रुपये फीस जमा करनी होती है। इतनी बड़ी राशि नकद लेकर चलने में भी तीमारदारों की हालत खराब होती है।
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केजीएमयू में करीब साढ़े चार हजार बेड हैं। रोजाना यहां सात से आठ हजार मरीज ओपीडी में और चार सौ के करीब ट्रॉमा सेंटर में आते हैं। इन्हें परचा बनवाने से लेकर विभिन्न जांच का शुल्क जमा करना होता है। इसमें नकद भुगतान की अनिवार्यता होने से मरीज और तीमारदारों को काफी समस्या होती है।
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इस साल की शुरुआत में केजीएमयू प्रशासन ने कुछ काउंटरों पर ऑनलाइन शुल्क भुगतान की सुविधा शुरू की थी। दावा था कि धीरे-धीरे बाकी काउंटर पर भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी, मगर सभी काउंटर पर यह सुविधा शुरू होने के बजाय चुनिंदा काउंटर पर भी ऑनलाइन भुगतान बंद हो गया है। इस समय ऑपरेशन से लेकर जांच तक का शुल्क नकद जमा करना पड़ रहा है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक, ऑनलाइन व्यवस्था में क्या समस्या हुई है, इसकी जानकारी मांगी गई है। जल्द ही इसे दुरुस्त कराया जाएगा।
टोकन ऑनलाइन, पर भुगतान ऑफलाइन
केजीएमयू में आभा एप के साथ ही ओपीडी पंजीकरण के लिए भी ऑनलाइन विकल्प मौजूद है। इसके अलावा भी कई काम ऑनलाइन होते हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा ऑफलाइन ही है। यह समस्या उन मरीजों के मामले में और भी गंभीर हो जाती है, जिनके ऑपरेशन के लिए लाख-दो लाख रुपये फीस जमा करनी होती है। इतनी बड़ी राशि नकद लेकर चलने में भी तीमारदारों की हालत खराब होती है।