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हत्या के मामले में दो साल से फरार चल रहा 25 हजार का इनामी गिरफ्तार, अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था
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निगोहां। शेरपुर लवल गांव में वर्ष 2019 में हत्या के मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी शिवप्रसाद को पुलिस ने राजाजीपुरम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक ,राजाजीपुरम में वह अपनी पहचान बदलकर रह रहा था।
भारतीय सेना की तैयारी कर रहे शेरपुर लवल गांव निवासी युवक यतीश तिवारी का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी प्रेमिका के पिता के शिव प्रसाद को हुई। उसने बेटे शिवशंकर व उसके दोस्त हनुमान रावत के साथ मिलकर 23 जून 2019 की रात को गांव के बाहर नाले की पुलिया पर बैठे यतीश की तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी।
आरोपी हनुमान प्रसाद और शिवशंकर को वारदात के तीसरे दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी शिव प्रसाद फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल किया। इसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर डुग्गी पिटवाई। शिव प्रसाद की संपत्ति तक कुर्क कर दी गई थी। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया। लेकिन शिव प्रसाद को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम रही। इस दौरान पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी।
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यतीश के परिवारीजनों ने मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जान का खतरा बताया। एसपी ग्रामीण हृदयेश कुमार के मुताबिक, सीओ निगोहां सैय्यद नईमुल हसन के निर्देश पर आरोपी को गिरफ्तार करने केलिए टीम गठित की गई। रविवार रात को शिव प्रसाद की लोकेशन राजाजीपुरम के शेखहबीबपुर गांव में मिली। उसे एक परचून की दुकान के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। यहां रहते हुएा उसने अपना नाम व पहचान बदल ली थी।
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भारतीय सेना की तैयारी कर रहे शेरपुर लवल गांव निवासी युवक यतीश तिवारी का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी प्रेमिका के पिता के शिव प्रसाद को हुई। उसने बेटे शिवशंकर व उसके दोस्त हनुमान रावत के साथ मिलकर 23 जून 2019 की रात को गांव के बाहर नाले की पुलिया पर बैठे यतीश की तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी।
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आरोपी हनुमान प्रसाद और शिवशंकर को वारदात के तीसरे दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी शिव प्रसाद फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल किया। इसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर डुग्गी पिटवाई। शिव प्रसाद की संपत्ति तक कुर्क कर दी गई थी। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया। लेकिन शिव प्रसाद को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम रही। इस दौरान पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी।
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यतीश के परिवारीजनों ने मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जान का खतरा बताया। एसपी ग्रामीण हृदयेश कुमार के मुताबिक, सीओ निगोहां सैय्यद नईमुल हसन के निर्देश पर आरोपी को गिरफ्तार करने केलिए टीम गठित की गई। रविवार रात को शिव प्रसाद की लोकेशन राजाजीपुरम के शेखहबीबपुर गांव में मिली। उसे एक परचून की दुकान के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। यहां रहते हुएा उसने अपना नाम व पहचान बदल ली थी।