पुरानी कंपनी को ही मिला 108 एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा, पांच साल के लिए मिला ठेका
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उत्तर प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन फिर जीवीके कंपनी करेगी। पूर्वी और पश्चिमी कलस्टर में कंपनी पहले से ही 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन कर रही है। नए टेंडर में भी उसने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर पांच साल के लिए एंबुलेंस संचालन का ठेका हथिया लिया है।
प्रदेश में 108 एंबुलेंस 1488, 102 सेवा की 2200 और 105 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस का संचालन होता है। योगी सरकार के सत्ता में आने दे बाद से ही एंबुलेंस संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर की तैयारी शुरू हो गई थी। मुख्यमंत्री ने स्वयं 108 एंबुलेंस के टेंडर की समीक्षा की थी।
इसमें 108 बेड़े से पुरानी एंबुलेंस को हटाकर नई चलाने और संख्या बढ़ाकर 2200 करने का फैसला किया गया था। बिड सिक्योरिटी के रूप में पूर्वी कलस्टर के लिए 2.29 करोड़ रुपये और पश्चिमी कलस्टर के लिए 1.14 करोड़ रुपये जमा करने का फैसला किया गया था।
सभी मानक पूरे करने वाली जीवीके को 108 एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। एनएचएम निदेशक पंकज कुमार ने बताया कि नए टेंडर में कॉल सेंटर से लेकर संचालन के तरीके बदलने के साथ ही रिस्पांस टाइम भी सुधारा जाएगा।
ये हैं नए नियम
रिस्पांस सेंटर पर कॉल रिसीव करने और एंबुलेंस को भेजने के लिए जरूरी उपकरणों और मानव संसाधन में इस प्रकार बढ़ोतरी की जाएगी कि प्रति 10 एंबुलेंस पर एक सीट का अनुपात रहे। प्रति एंबुलेंस प्रतिमाह निर्धारित शुल्क, न्यूनतम पांच फेरे प्रतिदिन व न्यूनतम 120 किलोमीटर प्रतिदिन प्रति एंबुलेंस फ्लीट के औसत के आधार पर होगा। सेवा प्रदाता से कॉल का जवाब न देने पर पांच हजार रुपये का आर्थिक दंड लिया जाएगा।