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Lucknow News: टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों की डिटेल देने में आनाकानी कर रहे अफसर

Mon, 20 Apr 2026 02:02 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 02:02 AM IST
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Officers are reluctant to provide details of overloaded vehicles passing through the toll.
तीन अप्रैल को पकड़ा गया था मामला।
लखनऊ। ओवरलोड वाहनों के फर्जी नंबरों के सहारे टोल प्लाजा पार करने के मामले की जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी है, लेकिन ऐसे वाहनों का विवरण देने में एनएचएआई के अफसर आनाकानी कर रहे हैं, जिससे कार्रवाई अटक रही है। एनएचएआई की ओर से जनवरी व फरवरी सिर्फ दो महीने की डिटेल दी गई है। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से कई पत्र लिखे गए, लेकिन अफसर टालमटोली कर रहे हैं।
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बीती तीन अप्रैल को परिवहन विभाग के एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव ने नवाबगंज टोल पर फर्जी नंबर की रसीद से टोल पार करते हुए ओवरलोड वाहन को पकड़ा था। इसके बाद कई टोल से यही खेल चलने के मामले का खुलासा हुआ था। सरोजनीनगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। परिवहन विभाग अफसर एनएचएआई से टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का विवरण मांग रहे हैं, लेकिन एनएचएआई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा।
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दो टोल से नहीं गुजरे एक भी ओवरलोड वाहन

इटौंजा टोल प्लाजा से 2,676 व सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा से 998 ओवरलोड वाहन गुजरे हैं। इसमें फर्जी नंबरों से गुजरे वाहनों की संख्या इटौंजा से 1,121 और खैराबाद टोल से 271 है। वहीं, उन्नाव के नवाबगंज से 139 ओवरलोड वाहन गुजरे, जिसमें 87 फर्जी नंबरों वाले थे। हरदोई के बल्लीपुर व लखनऊ में निगोहां के पास स्थित दखिना शेखपुरा टोल प्लाजा से एक भी ओवरलोड वाहन नहीं गुजरा है। ऐसा एनएचएआई की ओर से परिवहन विभाग को भेजे गए आंकड़े में उजागर हुआ है। परिवहन विभाग के अफसर इस पर सवाल भी उठाते दिखते हैं कि किसी टोल से एक भी ओवरलोड वाहन न गुजरा हो, असंभव है।
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Iएनएचएआई ने टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का जनवरी व फरवरी का जो ब्योरा दिया गया है, उसमें इटौंजा का हाल बदहाल है। इसके बाद कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन मार्च, अप्रैल का विवरण नहीं मिला। ओवरलोड वाहनों का ब्योरा समयबद्ध ढंग से मिले तो कार्रवाई में तेजी आए। I
I-प्रभात पांडेय, आरटीओ प्रवर्तनI

तीन अप्रैल को पकड़ा गया था मामला।

तीन अप्रैल को पकड़ा गया था मामला।

तीन अप्रैल को पकड़ा गया था मामला।

तीन अप्रैल को पकड़ा गया था मामला।

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