केजीएमयू ट्रॉमा के न्यूरोलॉजी विभाग में बढ़ेंगे पांच बेड, विभागाध्यक्ष ने वीसी को सौंपा प्रस्ताव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में न्यूरो के मरीजों के लिए राहत की खबर है। न्यूरोलॉजी विभाग की इमरजेंसी यूनिट अब दस बेड की होगी। इसे लेकर बुधवार को विभागाध्यक्ष ने कुलपति को प्रस्ताव सौंपा दिया है। कुलपति ने बेड बढ़ाने के साथ स्टाफ की तैनाती के लिए संस्तुति कर दी है। अफसरों का कहना है कि जल्द ही पांच नए बेड बढ़ाए जाएंगे।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में करीब छह माह तक न्यूरोलॉजी विभाग में एक भी बेड नहीं था। ऐसे में आने वाले ब्रेन हैमरेज, पैरालिसिस मरीजों को मेडिसिन विभाग में रखा जाता था। मरीजों की समस्या को देखते हुए केजीमएमयू प्रशासन ने कैजुअल्टी के सामने पांच बेड की इमरजेंसी शुरू की थी। इस पर मरीजों का बहुत अधिक लोड था। हर दिन तीन से चार मरीज बेड के इंतजार में वार्ड के बाहर स्ट्रेचर पर पड़े रहते थे।
ऐसे में विभागाध्यक्ष प्रो. आरके गर्ग ने इमरजेंसी 10 बेड करने की तैयारी की है। विभागाध्यक्ष ने कुलपति से मिलकर पांच बेड बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा न्यूरोलॉजी इमरजेंसी को डिजास्टर वार्ड में शिफ्ट कराए जाने की मांग की ताकि वहां पर बेड बढ़ाए जा सके। विभागाध्यक्ष का कहना है अभी दस बेड की इमरजेंसी शुरू की जा रही है। इसके लिए स्टाफ की भी मांग की गई है।
ठंड में बढ़ जाते हैं ब्रेन स्ट्रोक के मरीज
ठंड में ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। हर रोज ट्रॉमा के न्यूरोलॉजी विभाग में बेड न मिलने पर करीब पांच मरीज को निजी अस्पताल जाना पड़ता है। जहां पर विशेषज्ञ न होने पर मरीजों को मुकम्मल इलाज न मिलने से उनकी मौत तक हो जाती है।
केजीएमयू के डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में खून गाढ़ा पड़ जाता है। इसके कारण ब्रेन में रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आती है और खून का थक्का जम जाता है। जब यह थक्का ब्रेन में जमता है तो ब्रेन अटैक पड़ता है।