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Lucknow News: अब एक क्लिक पर विद्यार्थी देख पाएंगे अपनी मार्कशीट
Wed, 01 Jan 2025 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 01 Jan 2025 02:00 AM IST
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लखनऊ। राजधानी के एक मात्र स्वायत्त महाविद्यालय नेशनल पीजी कॉलेज के 9320 छात्र-छात्राएं अब एक क्लिक पर कहीं से भी अपनी मार्कशीट देख पाएंगे। इसके साथ वे प्रत्येक सेमेस्टर में अर्जित क्रेडिट को भी देख सकेंगे। छात्रों को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) पोर्टल के माध्यम से डिजी लॉकर पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। महाविद्यालय प्रशासन ने यूजीसी के निर्देश पर नई शिक्षा नीति के अंतर्गत पंजीकृत सभी विद्यार्थियों का तय अवधि तक का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से दो दिसंबर को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी कर विद्यार्थियों के अर्जित क्रेडिट उनके ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (एपीएएआर) आईडी पर अपलोड करने को कहा था। प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डाटा अपलोड करने की अंतिम 31 दिसंबर तय की गई थी। नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी के नोडल अधिकारी प्रो. राकेश जैन कहा कि एबीसी और डिजीलॉकर जैसी तकनीकों को अपनाकर हम अपने छात्रों की शैक्षणिक यात्रा को प्रबंधित कर रहे हैं।
क्रेडिट ट्रांसफर में होगी आसानी
एबीसी और अपार आईडी पर क्रेडिट अपलोड होने से छात्र अपने क्रेडिट को विभिन्न कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों में मैप कर सकते हैं। साथ ही विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच अपने क्रेडिट को स्थानांतरित भी कर सकते हैं। डिजीलॉकर छात्रों को डिजिटल रूप से उनकी अंकतालिकाओं तक पहुंचने की अनुमति देगा जिससे वह सुरक्षित ढंग से उसे लोगों से साझा कर सकेंगे।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से दो दिसंबर को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी कर विद्यार्थियों के अर्जित क्रेडिट उनके ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (एपीएएआर) आईडी पर अपलोड करने को कहा था। प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डाटा अपलोड करने की अंतिम 31 दिसंबर तय की गई थी। नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी के नोडल अधिकारी प्रो. राकेश जैन कहा कि एबीसी और डिजीलॉकर जैसी तकनीकों को अपनाकर हम अपने छात्रों की शैक्षणिक यात्रा को प्रबंधित कर रहे हैं।
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क्रेडिट ट्रांसफर में होगी आसानी
एबीसी और अपार आईडी पर क्रेडिट अपलोड होने से छात्र अपने क्रेडिट को विभिन्न कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों में मैप कर सकते हैं। साथ ही विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच अपने क्रेडिट को स्थानांतरित भी कर सकते हैं। डिजीलॉकर छात्रों को डिजिटल रूप से उनकी अंकतालिकाओं तक पहुंचने की अनुमति देगा जिससे वह सुरक्षित ढंग से उसे लोगों से साझा कर सकेंगे।
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