{"_id":"5deeb7cf8ebc3e87fd1f04ad","slug":"now-open-tender-will-select-agency-for-construction-of-government-buildings","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ओपन टेंडर से होगा सरकारी भवनों के निर्माण के लिए एजेंसी का चयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ओपन टेंडर से होगा सरकारी भवनों के निर्माण के लिए एजेंसी का चयन
Tue, 10 Dec 2019 02:38 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:38 AM IST
विज्ञापन
बीजेपी नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश कैबिनेट ने भवन निर्माण के लिए चुनिंदा निर्माण एजेंसियों में से किसी भी एक को नामित करने की मौजूदा व्यवस्था समाप्त कर ओपन टेंडर के जरिए एजेंसी चयन की नई व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। ओपन टेंडर में सभी सरकारी व निजी एजेंसियां भाग ले पाएंगी लेकिन लोक निर्माण विभाग इसमें हिस्सा नहीं ले सकेगा।
विज्ञापन
राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि सरकारी भवनों के निर्माण के लिए पांच कार्यदायी संस्थाएं तय हैं। इनमें से किसी को भी कार्यदायी संस्था के रूप में चुना जा सकता है। मौजूदा प्रक्रिया में संबंधित प्रोजेक्ट के डीपीआर बनाने की व्यवस्था में कई खामियां हैं जिसका असर कास्ट ओवर रन के रूप में सामने आता है।
विज्ञापन
प्रदेश कैबिनेट ने इस व्यवस्था में सुधार के साथ पूर्ण पारदर्शी प्रक्रिया में एजेंसी चयन की प्रक्रिया तय कर दी है। सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के पास भवन निर्माण के क्षेत्र में विशेषज्ञता तथा उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के लिए यह निर्णय हुआ है।
विज्ञापन
अब समस्त विभागों के 50 करोड़ से अधिक लागत वाले सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों के डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होगी। इस काम में आने वाले खर्च की व्यवस्था लोक निर्माण विभाग के बजट में की जाएगी।
डीपीआर बन जाने के बाद प्रशासकीय विभाग परियोजना पर व्यय वित्त समिति की संस्तुति तथा सक्षम स्तर पर अनुमोदन प्राप्त करेगा। लोक निर्माण विभाग भवन निर्माण के कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था के चयन के लिए ईपीसी (इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेन्ट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड में ओपन टेंडर आमंत्रित करेगा। इसमें राज्य व केंद्र सरकार की निर्माण एजेन्सियां तथा निजी क्षेत्र की तकनीकी दृष्टि से सक्षम प्रतिष्ठित निर्माण एजेन्सियां भाग ले सकेंगी।
मंत्री ने बताया कि इस प्रक्रिया से विभिन्न निर्माण एजेंसियों के मध्य प्रतिस्पर्धा बढे़गी। भवन निर्माण कार्यों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर काम कराने के लिए विकल्प उपलब्ध होंगे तथा कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रहेगी। परियोजना के निर्माण में टाइम-ओवर रन तथा कॉस्ट-ओवर रन की संभावना कम हो जाएगी।
इससे जन सामान्य को परियोजना का लाभ समय से प्राप्त हो सकेगा। परियोजना की लागत में पुनरीक्षण की संभावनाएं कम होगी।