रेल का टिकट हिंदी में, स्लीपर में भी मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट
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आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर अब यात्रियों के टिकट हिंदी में भी बनेंगे। इसके लिए रेलवे ई-टिकटिंग पोर्टल योजना लागू करने जा रहा है। यह जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि रेल बजट में की गई घोषणाओं को मूर्तरूप देने और कार्यों की प्रगति पर निगरानी के लिए ई-समीक्षा नाम से नया साफ्टवेयर विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत रेल मंत्रालय में एक नया हाउस कीपिंग विभाग खोला गया है जो साफ-सफाई के काम पर निगरानी रखेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मुंबई-अमृतसर पंजाब मेल में डिस्पोजेबल गारबेज बैग का प्रयोग किया जा रहा है जिसे भविष्य में सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा।
लगेंगे मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट
आलोक कुमार सिंह ने बताया कि 73 जोड़ी गाड़ियों में चल टिकट परीक्षकों को हैंड हेल्ड टर्मिनल उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा । इन उपकरणों की आपूर्ति इस माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। वहीं कालका शताब्दी एक्सप्रेस में आनबोर्ड मनोरंजन सुलभ करा दिया गया है।
अन्य ट्रेनों में इसकी शुरूआत शीघ्र की जाएगी। इसके अलावा सभी नए साधारण द्वितीय श्रेणी कोचों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट लगाने का आदेश दिया गया है। अभी तक की व्यवस्था में स्लीपर कोच के शुरुआत में सिर्फ एक चार्जिंग प्वाइंट होता है। लोग गेट के पास खड़े होकर बारी बारी से अपना मोबाइल चार्ज करते हैं।
इसके उलट एसी डिब्बों में हर सीट के सामने एक चार्जिंग का प्वाइंट होता है। वैसी ही व्यवस्था अब स्लीपर कोच में होने जा रही है। आलोक ने बताया कि पांच जोड़ी ट्रेनों में वर्तमान में अब 24 कोच के स्थान पर 26 कोच लगाए जाएंगे।
इसके अलावा रेलवे के रिसर्च सेंटर के लिए मुंबई विश्वविद्यालय से करार किया गया है । उन्होंने बताया कि इसके अलावा अन्य योजनाओं पर भी काम हो रहा है।