फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Now Kidney and Liver Transplant in kgmu

अब KGMU में भी किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट

Fri, 06 Dec 2013 01:03 AM IST
अमित यादव/लखनऊ
अमित यादव/लखनऊ Updated Fri, 06 Dec 2013 01:03 AM IST
विज्ञापन
Now Kidney and Liver Transplant in kgmu

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भी किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट होगा। संजय गांधी पीजीआई के बाद ये प्रदेश का दूसरा संस्थान होगा जहां अंग प्रत्यारोपण की सुविधा मिलेगी।

विज्ञापन


शासन ने केजीएमयू में आर्गन ट्रांसप्लांट डिपार्टमेंट खोले जाने की अनुमति दे दी है। ये विभाग शताब्दी अस्पताल में खुलेगा।

केजीएमयू के कुलपति प्रो. डी.के. गुप्ता ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।

कुलपति ने बताया कि आर्गन ट्रांसप्लांट विभाग के लिए नेफ्रोलॉजिस्ट, सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जा चुकी है।

नेफ्रोलॉजिस्ट को एडहॉक पर नियुक्त किया गया है जबकि सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट स्थायी है।

यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो. एस.एन. शंखवार और सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के हेड प्रो. अभिजीत चंद्रा को इस विभाग को शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन


संजय गांधी पीजीआई के यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो. राकेश कपूर और सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट विभाग के हेड प्रो. राजन सक्सेना भी इसमें मदद करेंगे।

उन्होंने बताया कि पहले किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद लिवर और फिर हार्ट ट्रांसप्लांट होगा।

कुलपति ने बताया कि केजीएमयू को अंगदान कराने की अनुमति भी शासन ने दे दी है। ट्रॉमा सेंटर होने के कारण वहां आने ब्रेन डेथ मरीजों के परिजनों को उनके अंगदान के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिससे ऐसे मरीजों के गुर्दे, लिवर, दिल, कार्निया, पैंक्रियाज जैसे अंगों को लेकर मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।

मरीज को ब्रेन डेथ घोषित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम होगी। जो जांच के बाद मरीज के मस्तिष्क मृत होने की पुष्टि करेगी।

इसके बाद काउंसलर परिवार वालों को अंगदान के लिए राजी करेंगे। अंगदान के जरूरतमंदों की कॉमन वेटिंग लिस्ट बनेगी।

जिससे एसजीपीजीआई और केजीएमयू दोनों को जरूरत पड़ने पर अंग मिल सकें। एक खास समय में मरीज से अंग लेकर संस्थान को देना होगा।

इसके लिए वीआईपी ट्रैफिक प्रोटोकॉल (सीएम व पीएम की तरह) लागू करना होगा। जिससे तय समय के अंदर अंग को एक संस्थान से दूसरे संस्थान पहुंचाया जा सके।

सुपर स्पेशलिटी विभाग जाएंगे शताब्दी

केजीएमयू के सुपर स्पेशलिटी विभाग शताब्दी अस्पताल जाएंगे। कैबिनेट से शताब्दी अस्पताल को एक रुपये के पर्चे पर चलाने की अनुमति मिलने के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

कुलपति प्रो. डी.के. गुप्ता ने बताया कि अस्पताल मिलने से केजीएमयू में 210 बेड और बढ़ जाएंगे। फेज वन में बन चुके भवन में 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर,40 आईसीयू और 170 सामान्य बेड तैयार हैं।


इनमें पीडियाट्रिक सर्जरी,न्यूरो सर्जरी,गैस्ट्रोसर्जरी और सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग को शिफ्ट किया जाएगा।

सरकार से अनुमति मिलने के बाद फेज टू के निर्माण कार्य को तेज किया जाएगा। जिससे एक-डेढ़ साल के अंदर वो भी तैयार हो जाए।

फेज टू का निर्माण पूरा होने के बाद 550 बेड और बढ़ जाएंगे। इसके अलावा ब्लड बैंक,हीमेटोआंकोलॉजी,पीडियाट्रिक आंकोलॉजी विभाग भी शताब्दी में शिफ्ट हो जाएंगे।

विभागों को शिफ्ट करने के बाद बेड बढ़ाने के अनुपात में चिकित्सकों की नियुक्ति और पीजी सीटों को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed